अनुच्छेद 35ए की रक्षा आवश्यक, हुर्रियत से भी हो संवाद : श्रीनगर में मणिशंकर अय्यर

संवाद हर किसी के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। मैं कई कश्मीरियों को जानता हूं जो भारत के साथ रहना चाहते हैं।...

अनुच्छेद 35ए की रक्षा आवश्यक, हुर्रियत से भी हो संवाद : श्रीनगर में मणिशंकर अय्यर

Article 35A must be protected, Hurriyat should be included in all dialogues : Mani Shankar Aiyar in Srinagar

नई दिल्ली, 26 अगस्त। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि अनुच्छेद 35ए को अवश्य संविधान के अंग के रूप में रखा जाना चाहिए, ताकि कश्मीर के लोग भयभीत महसूस न करें।

श्री अय्यर जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस की ओर आयोजित एक कार्यक्रम में मणिशंकर शनिवार को एक व्याख्यान दे रहे थे।

उन्होंने कहा,

"कश्मीरियों को पिछले 90 साल से जो अधिकार मिला हुआ है, उसको कायम रखना चाहिए, ताकि वे भयभीत महसूस न करें।"

अय्यर ने कहा,

"यह हमारे संविधान में है और किसी को इसे रद्द करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कुछ लोग अनावश्यक रूप से इस मसले को उभार रहे हैं, जिसमें किसी का हित नहीं है।"

उन्होंने कहा,

"मौजूदा समय में हम इस संबंध में कुछ नहीं कर सकते हैं, क्योंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय में है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि अदालत कोई भी फैसला लेने से पहले राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखेगी।"

अय्यर ने कहा,

 'हुर्रियत को सभी संवादों में भी शामिल किया जाना चाहिए'।

श्री अय्यर ने कहा

"अगर मैं यहां आ रहा हूं तो इसका मतलब है कि मैं कश्मीरियों को अपने आप में से एक के रूप में मानता हूं। अगर कोई अलग होना चाहता है तो हमें उनसे भी बात करनी चाहिए। संवाद हर किसी के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। मैं कई कश्मीरियों को जानता हूं जो भारत के साथ रहना चाहते हैं।"

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