मणिपुर फर्जी मुठभेड़ : एससी की CBI पर सख्त टिप्पणी, मणिपुर में कम से कम 4 हत्यारे खुले घूम रहे हैं

एससी ने मणिपुर में सेना, असम राइफल्स और पुलिस द्वारा कथित न्यायेत्तर हत्याओं और फर्जी मुठभेड़ों के चार मामलों में 27 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया था।...

मणिपुर फर्जी मुठभेड़ : एससी की CBI पर सख्त टिप्पणी, मणिपुर में कम से कम 4 हत्यारे खुले घूम रहे हैं

नई दिल्ली, 30 जुलाई। मणिपुर फर्जी मुठभेड़ के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई पर सख्त टिप्पणी करते हुए सीबीआई मिदेशक को अगली सुनवाई 20 अगस्त को हाजिर होने का आदेश दिया है।

सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करते हुए सीबीआई निदेशक से पूछा है कि नकली मुठभेड़ों के मामलों में से 4 में आरोपपत्र दायर करने के बाद भी अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई ? अदालत ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए सीबीआई से कहा, मणिपुर में कम से कम 4 हत्यारे घूम रहे हैं। यदि इसकी अनुमति है तो समाज के साथ क्या होगा?

सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई निदेशक और एसआईटी को मामले में "तर्कसंगत निर्णय" लेने को कहते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी या कस्टची में पूछताछ करने के लिए लेने के लिए कहा है। अदालत ने सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा को 20 अगस्त को अदालत के समक्ष पेश होने के लिए भी कहा।

मणिपुर में हुई मुठभेड़ों से जुड़े मामलों में CBI प्रमुख आलोक कुमार वर्मा आज सर्वोच्च न्यायालय में पेश हुए थे। बीती 27 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उन्हें पेश होने के लिए कहा था।

बता दें इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मणिपुर में सेना, असम राइफल्स और पुलिस द्वारा कथित न्यायेत्तर हत्याओं और फर्जी मुठभेड़ों के चार मामलों में 27 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि मानवाधिकार उल्लंघनों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा था कि मणिपुर में जो कुछ हुआ वह ‘बड़े पैमाने पर’ नजर आ रहा है और इस मुद्दे को ‘बहुत ज्यादा महत्व’ दिया जाना चाहिये क्योंकि लोगों ने अपनी जिंदगी गंवायी है।

 

 

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।