लोकसभा चुनाव करीब आए तो मोदी को कबीर भी याद आए : मायावती

लोकसभा का चुनाव नजदीक आ चुका है तो मोदी संत कबीर की याद आ रही है। मायावती ने कहा कि यह वोट बैंक की उनकी स्वार्थी राजनीति नहीं तो और क्या है?...

देशबन्धु
लोकसभा चुनाव करीब आए तो मोदी को कबीर भी याद आए : मायावती

लखनऊ, 29 जून। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संत कबीर नगर (मगहर) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 'संत कबीर अकादमी' का शिलान्यास किए जाने पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि लोकसभा का चुनाव नजदीक आ चुका है तो मोदी संत कबीर की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि यह वोट बैंक की उनकी स्वार्थी राजनीति नहीं तो और क्या है?

शिलान्यास पूर्वाचल की जनता के साथ छलावा

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि मोदी का यह शिलान्यास कार्यक्रम प्रदेश के पूर्वाचल की जनता के साथ छलावा व उनकी आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है। पूर्वांचल क्षेत्र के विकास की प्यासी व भूखी करोड़ों गरीब जनता से किए उन बड़े-बड़े लोक लुभावन वादों व उनके अच्छे दिन लाने के सपनों का क्या हुआ जो मोदी ने पिछले चुनाव के समय किए थे।

कल यहां जारी एक बयान में मायावती ने कहा कि पूर्वांचल के विकास के मामले में प्रधानमंत्री मोदी व यूपी की योगी सरकार ने अभी तक जो भी काम किए हैं वे ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर ही लगते हैं जबकि वायदा किया गया था कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार बन जाने पर विकास की गंगा बहा दी जाएगी।

उन्होंने कहा,

"मोदी ने कहा था कि यहां के करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं के लिए आसमान से तारे तोड़कर लाए जाएंगे, बेरोजगारों का पलायन रोका जाएगा। क्या ऐसा थोड़ा भी हो पाया है? बल्कि इसके विपरीत जनसामान्य के लिए कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित व विकास के हर मामले में हालात और भी ज्यादा बदतर व असामान्य होते चले जा रहे हैं, जिससे जनता का जीवन दुखमय बना हुआ है।"

बसपा सरकार  ने बनाया था 'संत कबीर नगर'

संत कबीर को सम्मान दिए जाने के क्रम में उनके नाम पर बसपा द्वारा 'संत कबीर नगर' के नाम से नया जिला बनाने को स्मरण कराते हुए मायावती ने कहा कि पूर्वांचल का समग्र विकास अलग पूर्वांचल राज्य बनाए बिना संभव नहीं है। इस संबंध में बसपा सरकार द्वारा विधानसभा से पारित प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित पड़ा हुआ है। मोदी सरकार को अब और बिना देरी किए इस दिशा में ठोस कार्यवाही करनी चाहिए।

सुश्री मायावती ने कहा,

"केवल अकादमी आदि बनाने के लॉलीपॉप से पूर्वांचल की करोड़ों गरीब जनता व मेहनतकश लोगों का हित, कल्याण व विकास शताब्दियों तक संभव नहीं हो पाएगा और ना ही संत कबीर के जीवन आदर्श व उपदेशों को चुनावी स्वार्थ में दिखावटी तौर पर अपनाने से समाज का कोई हित व कल्याण होगा, बल्कि भाजपा-आरएसएस वालों को इसके विपरीत आचरण करने से हर हाल में रोकना होगा, जो इस सरकार में कहीं से भी होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।"

संतकबीर अकादमी का शिलान्यास : जितने के ढोल नहीं उससे ज्यादा के मंजीरे

मायावती ने कहा कि 24करोड़ रुपये की संतकबीर अकादमी के मात्र शिलान्यास के प्रचार-प्रसार, इस कार्यक्रम के आयोजन व तैयारी पर लगभग उतनी ही रकम भाजपा सरकार द्वारा खर्च कर दी गई है, जो' काम कम और बातें ज्यादा' का एक जनविरोधी नमूना है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर अपनी वाणी और कर्मों से भी अमर हैं। वे लोगों के दिलों में वास करते हैं। भाजपा को उनके नाम पर सस्ती लोक प्रियता वाली राजनीति करने से बाज आना चाहिए। जनता इनके ऐसे स्वार्थ की राजनीति को खूब अच्छी तरह से समझने लगी है। वह और ज्यादा धोखा खाने को तैयार नहीं है।

 

Related –

janpad bar association santkabirnagar

bmgn inter college bakhira sant kabir nagar ke college ki photos

janpad bar association santkabirnagar

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।