महबूबा का भाजपा पर पलटवार, गठबंधन से आपत्ति थी तो तीन साल चुप क्यों बैठे थे ?

धारा 370 पर भाजपा की पोल खोली...

महबूबा का भाजपा पर पलटवार, गठबंधन से आपत्ति थी तो तीन साल चुप क्यों बैठे थे ?

नई दिल्ली। जम्मू- कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज भाजपा पर पलटवार किया है। भाजपा के लगाए हुए आरोपों को उन्होंने नकारा और कहा कि 'भेदभाव के आरोप निराधार हैं, घाटी पर ध्यान देना जरूरी था'।

धारा 370 पर भाजपा की पोल खोली 

सुश्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा कि पुराने सहयोगी गलत आरोप लगा रहे हैं। हमारी सरकार ने जम्मू और लद्दाख से कभी भेदभाव नहीं किया है। ऐसे आरोपों की वास्तविकता का कोई आधार नहीं है। 

उन्होंने कहा

"गठबंधन का एजेंडा राम माधव और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने तय किया था और इसे लेकर हमारी प्रतिबद्धता में कभी कोई कमी नहीं आई। ये देखकर दुख हो रहा है कि अपनी ही पहल से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया और इसके प्रति कमजोर दृष्टिकोण अपनाने का ठप्पा लगा दिया। हमने जो सुधार के कदम उठाए उनसे जमीनी स्तर पर विश्वास पैदा हुआ। इसे भाजपा ने ही माना और समर्थन किया। धारा 370 में यथास्थिति बरकरार रखना हो, या पाकिस्तान-हुर्रियत के साथ बातचीत... ये हमारे गठबंधन के एजेंडा का ही हिस्सा था। जमीनी स्तर पर विश्वास हासिल करने के लिए केस वापस लेना, एकतरफा संघर्ष विराम और बातचीत की शुरुआत करना बेहद जरूरी था।"

भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन से आपत्ति थी तो तीन साल चुप क्यों थे। भाजपा चाहती थी तो पहले क्यों आवाज नही उठाई। 

हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि घाटी में लंबे समय से उथल-पुथल रही है और 2014 की बाढ़ एक बड़ा झटका था, इस ओर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता थी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कम विकास हुआ। हमने हमेशा गठबंधन के एजेंडे पर काम किया है।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।