गुजरात : 33 ज़िला कलेक्टर को अल्पसंख्यक समुदाय एक साथ ज्ञापन देंगे

गुजरात सरकार जो पहले अल्पसंख्यक शब्द से परहेज़ करती थी बीते 2 दिनों से राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए केन्द्रीय मंत्री के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर योजनाओ का बखान कर रही है। ...

हाइलाइट्स

गुजरात सरकार जो पहले अल्पसंख्यक शब्द से परहेज़ करती थी बीते 2 दिनों से राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए केन्द्रीय मंत्री के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर योजनाओ का बखान कर रही है। आगामी 18 सितम्बर 2017, सोमवार को राज्य के सभी 33 ज़िला कलेक्टर को अल्पसंख्यक समुदाय एक साथ 11.30 बजे ज्ञापन देंगे।

गुजरात : 33 ज़िला कलेक्टर को अल्पसंख्यक समुदाय एक साथ ज्ञापन देंगे

अहमदाबाद। गुजरात सरकार जो पहले अल्पसंख्यक शब्द से परहेज़ करती थी बीते 2 दिनों से राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए केन्द्रीय मंत्री के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर योजनाओ का बखान कर रही है। आगामी 18 सितम्बर 2017, सोमवार को राज्य के सभी 33 ज़िला कलेक्टर को अल्पसंख्यक समुदाय एक साथ 11.30 बजे ज्ञापन देंगे।

यह जानकारी माइनॉरिटी कोआर्डिनेशन कमिटी (Minority Coordination Committee Gujarat) के संयोजक मुजाहिद नफीस ने एक विज्ञप्ति में दी। विज्ञप्ति निम्नवत् है -

माइनॉरिटी कोआर्डिनेशन कमिटी का गठन 18 दिसम्बर 2016 को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर अल्पसंख्यकों के मुद्दों की पैरवी करने के लिए किया गया। हम देखते हैं कि अल्पसंख्यक गुजरात में अधिक वंचित वर्ग है, इनको साम्प्रदायिक भेदभाव का भी सामना करना पड़ता है।

गुजरात में अल्पसंख्यकों के विकास, रक्षण के लिए 8 सूत्रीय मांगों के साथ अल्पसंख्यक अधिकार अभियान शुरू किया गया। इसके प्रथम चरण में गुजरात से सभी जिलों से 1 लाख पोस्टकार्ड माननीय मुख्यमंत्री गुजरात को लिखे गए। मात्र पोस्टकार्ड लिखने से राज्य सरकार नें प्रधानमंत्री के नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कमिटियों का गठन शुरू किया है। मुस्लिम बहुल जुहापुरा में EWS हाउसिंग स्कीम लांच की। वहीँ गुजरात सरकार जो पहले अल्पसंख्यक शब्द से परहेज़ करती थी, बीते 2 दिनों से राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए केन्द्रीय मंत्री के द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर योजनाओं का बखान कर रही है। लेकिन अल्पसंख्यकों के विकास, रक्षण के मूलभूत प्रश्न पर कोई नहीं बोल रहा है।

अभियान के दूसरे चरण में राज्य के सभी 33 ज़िला मुख्यालयों पर 1 दिन एक साथ ज्ञापन देना है। जिस ज्ञापन में अभियान की 8 मांगे जो कि निम्न हैं

1-      राज्य में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की स्थापना की जाये।

2-      राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए ठोस आबंटन किया जाये।

3-      राज्य में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया जाये व इसको संवैधानिक मजबूती का विधेयक विधानसभा में पास किया जाये।

4-      राज्य के अल्पसंख्यक बहुल विस्तारों में कक्षा 12 तक के सरकारी स्कूल खोले जाएँ।

5-      मदरसा डिग्री को गुजरात बोर्ड के समकक्ष मान्यता दी जाये।

6-      अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाये।

7-      सांप्रदायिक हिंसा से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्स्थापन के लिए सरकार नीति बनाये।

8-      प्रधानमंत्री के नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम का सम्पूर्ण रूप से अमलीकरण किया जाये।

21 अगस्त 2017 से 18 सितम्बर 2017 तक ‘अल्पसंख्यक अधिकार आन्दोलन’ महीना के रूप में मनाया जायेगा। इस महीने में राज्य भर में पब्लिक मीटिंग, सेमिनार, हस्ताक्षर अभियान चलाया जायगा। अंतिम दिन उक्त मांगों के लिए माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन 18 सितम्बर 2017, सोमवार को राज्य के सभी 33 कलेक्टर को एक साथ 11.30 बजे ज्ञापन देंगे। 

अभियान के तीसरे चरण में राज्य भर से 1 लाख व्यक्तिगत रिप्रजेंटेशन हस्ताक्षर कराकर माननीय मुख्यमंत्री गुजरात को राज्य के प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा जायेगा।

हम देखते हैं कि राज्य में मुस्लिम समुदाय के साथ धटनाएं खत्म नहीं हो रही है। राज्य में छोटी- छोटी घटनाएं लगभग रोज होती हैं वहीँ वडावली, वडागाम जैसी गंभीर घटनाएँ हुई हैं इसके भोग अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के मुस्लिम हैं। इसके लिए हमने तय किया है कि माइनॉरिटी कोआर्डिनेशन कमिटी प्रभावित इलाके का दौरा करेगा व प्रभावितों को तात्कालिक सहायता, विधिक सहायता, फैक्ट फाइंडिंग, प्रशासन से बातचीत आदि के लिए तात्कालिक हस्तक्षेप करेगा। MCC अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए राज्य में मुखर संगठन के रूप में कार्य करेगा।

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