अंधेर उत्तर प्रदेश चौपट योगी राज, हत्या की रपट भी दर्ज नहीं हो रही, 8 मई को होगा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

अंधेर उत्तर प्रदेश चौपट योगी राज, हत्या की रपट भी दर्ज नहीं हो रही, 8 मई को होगा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन...

कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम योगी सरकार

रणधीर सिंह सुमन

बाराबंकी। योगी सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल हो गई है, इसलिए थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती है। अपहरण, हत्या, बलात्कार जैसे मामलों की सूचना दर्ज न कर उनको छिपाने का काम किया जा रहा है।

बाराबंकी जनपद के थाना फतेहपुर के प्रमुख कपड़ा व्यवसायी मोहम्मद समी 20 मार्च को अपनी दुकान बंद कर 7 बजे शाम को अपने घर जा रहे थे कि रास्ते में घात लगाए कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया और उनका मोबाइल बंद हो गया तब उनके बड़े भाई मोहम्मद रफ़ी ने थाना फतेहपुर पहुँच कर पुलिस को सूचना दी। किन्तु पुलिस के कानों पर जूं तक नही रेंगी और कोई सुनवाई नही हुई, तब क्षेत्र के लगभग 50 मोटरसाइकिल सवारों ने आसपास के क्षेत्र में मोहम्मद समी को ढूंढना शुरू कर दिया। 21 मार्च को सूचना मिलती है कि मोहम्मद समी का शव गाँव जाने के रास्ते से विपरीत दिशा में 7 किलोमीटर दूर लोनियनपुरवा के पास पड़ा है।

हजारों लोगों के इकठ्ठा हो जाने पर आक्रोश को देखते हुए थाना फतेहपुर बाराबंकी के प्रभारी निरीक्षक अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचे और बगैर पंचनामा कराए लाश को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। मौके पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस ने कोई भी साक्ष्य संकलन की दिशा में कोई कार्य नहीं किया। मृतक के भाई रफ़ी को थाने पर रोके रखा और पोस्टमार्टम हाउस में पंचनामा कर शव को सील कर तुरंत पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की।

योगी सरकार की पुलिस की इस कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर क्षेत्रीय जनता ने कई बार प्रशासनिक व क्षेत्रीय अधिकारियों से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की मांग की, लेकिन सरकार की मंशा के अनुरूप प्रथम सूचना रिपोर्ट अपहरण व हत्या की नहीं दर्ज की।

जनता के आक्रोश को देखते हुए पूर्व विधायक सरवर अली ने इस घटना के विरोध में व सरकार की नाकामी को लेकर 7 मई को क़स्बा फतेहपुर बाराबंकी में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की और 8 मई को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।

वहीँ, बुढ़वल केन यूनियन के पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी वर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सरकार की जरा सा भी रुचि नहीं है और सम्बंधित थाने में अपराधों की रोकथाम का सबसे बढ़िया उपाए यह है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट ही न दर्ज करो।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।