मुजफ्फरनगर में दलित युवक को पीट-पीटकर 'जय माता दी' बोलवाना, योगी के संरक्षित गुण्डों का कारनामा - रिहाई मंच

दलितों पर हमले धर्म-जाति की गुंडागर्दी को खुली छूट का नतीजा : रिहाई मंच धार्मिक शोषण के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाना चाहते है भगवा संगठन योगी राज में बलिया से मुजफ्फरनगर तक सुरक्षित नहीं हैं दलित...

दलितों पर हमले धर्म-जाति की गुंडागर्दी को खुली छूट का नतीजा : रिहाई मंच

धार्मिक शोषण के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाना चाहते है भगवा संगठन

योगी राज में बलिया से मुजफ्फरनगर तक सुरक्षित नहीं हैं दलित

लखनऊ 19 जनवरी 2018। रिहाई मंच ने कहा है कि मुजफ्फरनगर में दलित युवक की लाठी-डंडे से सरेराह पिटाई का वीडियो जिस तरह से वायरल किया गया वो साफ करता है कि योगी ने अपने गुंडों को दलितों को मारने-पीटने और उस कलंकित 'शौर्य' को वायरल कर आतंक का माहौल बनाने की खुली छूट दे रखी है.

रिहाई मंच नेता राजीव यादव ने कहा कि योगी ने इसी हिंदुत्व के बारे में बोला था कि 'दलितों के बिना हिंदुत्व आधारहीन' जिसमें दलितों को कहीं नंगाकर, सिर मुड़ाकर, गाय चोर हूं तो कहीं बाबा साहब के विचारों का अनुसरण करने पर मारा-पीटा जाएगा.

उन्होंने कहा कि वीडियो में जिस क्रूरता के साथ दलित युवक को लाठी-डंडों से पीटते हुए 'जय श्रीराम-जय माता दी' बोलने के लिए बाध्य किया जा रहा है उससे साफ होता है कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। यदि दलित धार्मिक शोषण से तंग आकर बौद्ध धर्म अपना रहे हैं तो यह उनका लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। बाबा साहब ने भी अपने समर्थकों के साथ हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म अपनाया था। मोदी भीम राव अम्बेडकर की बात तो करते हैं पर अम्बेडकर वादी विचारों से खौफ खाते हैं. सामंती ताकतों-धार्मिक कट्टरपंथियों को खुश करके संघ का एजेंडा लागू कर हर तरह की गैरकानूनी गतिविधियों की खुली छूट देने वाले योगी राज में अब बलिया से लेकर मुजफ्फरनगर तक दलित सुरक्षित नहीं है।

राजीव यादव ने कहा कि बैरिया, बलिया भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह 2024 तक हिन्दू राष्ट्र का ऐलान कर रहे हैं. उन्हें बताना चाहिए कि जब उनकी भाजपा सरकार में बलिया के ही रसड़ा में दलित युवकों को योगी के करीबी महंत कपड़े उतरवाकर, सिर मुड़ाकर, गाय चोर हूं कहलवाता है तो क्या उनके हिन्दू राष्ट्र में फिर से दलितों को झाड़ू बांध, गले में हाड़ी बांधकर चलना होगा.

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।