'लोकेश के पिता' का जसोदाबेन के पति पर जोरदार पलटवार, आडवाणी ने आपको पीठ के बल खड़ा किया, चाय वाला करोड़ों रुपये का है

नायडू ने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी (Prime Minister Modi's wife) का ज़िक्र करते हुए तीखा हमला बोला है, बल्कि उन्हें इशारों में अडवाणी की पीठ में छुरा भोंकने वाला भी बताया है।...

एजेंसी

नई दिल्ली/ अमरावती, 10 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के गुंटूर (Guntur) में राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister Chandrababu Naidu) को 'लोकेश के पिता' ('Lokesh's father) कहकर संबोधित किया था। इसके जवाब में चंद्रबाबू नायडू ने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी (Prime Minister Modi's wife) का ज़िक्र करते हुए तीखा हमला बोला है, बल्कि उन्हें इशारों में अडवाणी की पीठ में छुरा भोंकने वाला भी बताया है।

नायडू ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा,

''आप अपनी पत्नी से अलग रहते हैं। क्या परिवार के मूल्यों के प्रति आपके मन में कोई आदर भी है?'' नायडू ने कहा कि वो अपने परिवार को प्यार करते हैं।

नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री का न तो परिवार है और न ही कोई बेटा। नायडू ने कहा,

''जब आपने मेरे बेटे का हवाला दिया तो मैं आपकी पत्नी का ज़िक्र कर रहा हूं। क्या लोगों को पता है कि नरेंद्र मोदी की पत्नी भी हैं। उनका नाम जसोदाबेन है।''

 नायडू ने ये बातें विजयवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।

नायडू ने पीएम मोदी पर देश को गर्त में धकेलने का भी आरोप लगाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी एक पागलपन भरा फ़ैसला था। हालांकि शुरू में नायडू ने इसका समर्थन किया था। जब उन्होंने समर्थन किया था तब वो बीजेपी की अगुआई वाले गठबंधन एनडीए का ही हिस्सा थे।

विजयवाड़ा में नायडू ने कहा,

''आपने एक हज़ार के नोट को ख़त्म कर दिया और 2000 के नोट लेकर आए। क्या इससे भ्रष्टाचार ख़त्म हो जाएगा?''

चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि गुंटूर में राज्य की विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने मोदी की रैली के लिए भीड़ जुटाई थी। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी पूरी तरह से जनसमर्थन खो चुकी है।

नायडू ने कहा,

''मोदी का आंध्र प्रदेश दौरा बुरी तरह से फ़्लॉप हो गया है। बीजेपी को समझना चाहिए कि लोग रैली का बहिष्कार कर अपने ग़ुस्से का इजहार कर रहे हैं। तेलुगू भाषी लोग इस बार धोखा देने के लिए बीजेपी को सबक सिखाएंगे। पीएम ख़ुद को चायवाला कहते हैं पर उनके लिबास को देख कौन उन्हें चायवाला कहेगा।''

नायडू ने कहा कि पीएम ने निजी हमले किए तो उसका जवाब भी उसी रूप में मिलेगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा,

''मैं आम तौर पर निजी हमले से बचता हूं लेकिन मोदी मुझे ऐसा करने पर मजबूर कर रहे हैं। वो तीन तलाक़ बिल लाकर तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं की मदद की बात करते हैं लेकिन उनसे उनकी पत्नी के बारे में कोई सवाल पूछे तो कोई जवाब नहीं दे पाते हैं।"

पीएम मोदी ने टीडीपी में चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश को ज़्यादा महत्व देने का आरोप लगाया था। इस पर नायडू ने कहा,

''मुझे लोकेश के पिता होने का गर्व है। मैंने हमेशा परिवार के मूल्यों का समर्थन किया है लेकिन मोदी का तो कोई परिवार ही नहीं है इसलिए वो इसे समझ नहीं पाएंगे।''

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि राज्य को दिए गए पाई-पाई का हिसाब मांगने की वजह से चंद्रबाबू नायडू की रातों की नींद उड़ गई है। राज्य भर में विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा,

 "चौकीदार ने उनकी (नायडू) नींद हराम कर दी है, क्योंकि हम आंध्र प्रदेश के विकास के लिए दिए गए पाई-पाई का हिसाब मांग रहे हैं।"

मोदी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के विकास को नजरअंदाज किया है और वह 'महा मिलावट' के साथ गाली देने की प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन में गरीब व देश के साथ धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे लोग शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा,

"वह शब्दकोश में मौजूद हर अपशब्द का इस्तेमाल मेरे खिलाफ कर रहे हैं। वह आंध्र की महान संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महीनों से गाली सुनने के बाद वह पहली बार जवाब दे रहे हैं।

मोदी ने कहा कि नायडू ने आंध्र प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास का वादा किया था, लेकिन वह मुकर गए।

मोदी ने कहा,

"वह आंध्र को एक 'सन राइज' राज्य बनाना चाहते थे, लेकिन अपने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए वह 'सन' राइज में व्यस्त हैं। उन्होंने गरीबों के लिए नई योजनाओं का वादा किया, लेकिन मोदी की योजनाओं पर अपना स्टिकर लगा दिया।"

तेदेपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार से बीते साल अलग होने के बाद मोदी का यह आंध्र प्रदेश का पहला दौरा है।

तेदेपा, राज्य को विशेष दर्जा देने के वादे को पूरा नहीं करने का प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए राजग से अलग हो गई थी।

मोदी से सीनियर होने के नायडू के दावे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बारे में कोई विवाद नहीं है और इसी वजह से उन्होंने नायडू को हमेशा पूरा सम्मान दिया।

मोदी ने कहा,

"आप दल बदलने, नई पार्टियों के साथ गठबंधन में शामिल होने में सीनियर हैं। आप अपने ससुर के पीठ में छुरा भोंकने में सीनियर हैं और आंध्र प्रदेश के सपनों को बर्बाद करने में आप सीनियर हैं।"

मोदी ने नायडू के कांग्रेस के आगे घुटने टेकने पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश के नेताओं का अपमान किया, जिसकी वजह से एन.टी. रामाराव को तेदेपा का गठन करना पड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नायडू ने अपनी पार्टी के सिद्धांतों को भुला दिया, क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नायडू ने लगातार चुनाव कभी नहीं जीता और वह आगामी चुनाव में बुरी तरह हारने को लेकर डरे हुए हैं।

मोदी ने आरोप लगाया कि अमरावती से पोलावरम तक नायडू ने सभी प्रयास अपने लिए पैसे बनाने के लिए किए।

उन्होंने कहा,

"इसी वजह से वह चौकीदार से डरे हुए हैं। मेरी सरकार ने करदाताओं के पाई-पाई का हिसाब मांगा है। उन्होंने अतीत में कभी इसका हिसाब दिल्ली को नहीं दिया है।"

दिल्ली में सोमवार को प्रस्तावित तेदेपा नेताओं के विरोध प्रदर्शन पर मोदी ने कहा कि नायडू दिल्ली 'फोटो सेशन' के लिए और जनता का पैसा खर्च कर पार्टी का बिगुल बजाने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा,

"आंध्र प्रदेश के लोगों को अपने पैसे का हिसाब मांगना चाहिए।"

उधर नायडू पलटवार किया,

“नरेंद्रमोदी आडवाणी ने आपको पीठ के बल खड़ा कर दिया। अगर आडवाणी आपके ऊपर कपड़ा डालते हैं तो यह एक पवित्र मंदिर है। आप अवसरवादी राजनीति की बात करते हैं। चाय वाला करोड़ों रुपये का है।”

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