अर्थ वौइसस को सुनो, इससे पहले की वो कहीं खो जाये - अभिषेक रे

अभिषेक रे, जो एक कंज़र्वेशनिस्ट होने के साथ-साथ एक फिल्म कंपोजर भी हैं और जिन्होंने पान सिंह तोमर, वेलकम बैक, साहब बिवी और गैंगस्टर, जैसी फिल्मो में संगीत दिया हैं, इन दिनों अपना नया एल्बम लेकर आ रहे ह...

एजेंसी
अर्थ वौइसस  को सुनो, इससे पहले की वो कहीं  खो जाये - अभिषेक रे
Abhishek Ray 1

अभिषेक रे, जो एक कंज़र्वेशनिस्ट होने के साथ-साथ एक फिल्म कंपोजर भी हैं और जिन्होंने पान सिंह तोमर, वेलकम बैक, साहब बिवी और गैंगस्टर, जैसी फिल्मो में संगीत दिया हैं, इन दिनों अपना नया एल्बम लेकर आ रहे हैं, जिसका नाम है “अर्थ वौइसस”, और इस एल्बम में इनके साथ है पोपुलर सिंगर श्रेया घोषाल!

अभिषेक रे को भारत का सबसे पहला निजी वन्यजीव आश्रय बनाने के लिए जाना जाता हैं, और उनका कहना हैं की आगामी प्रोजेक्ट उनके वन्यजीवों के प्रति प्रेम को व्यक्त करता हैं।  मीडिया के साथ बात चीत करते हुए अभिषेक ने बताया “मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था जहां भाषा बाधक ना हो! ‘ अर्थ वौइसस ’ के साथ हम ग्लोबल (वैश्विक) श्रोताओं, वैश्विक जानवरों और ध्वनियों से बात कर रहे हैं, ऐसी आवाज़ें जो यह पूरा ग्रह की है! अगर हम इसको हिंदी में बनांते, तो सिर्फ भारत के लोग ही सुन पाते, लेकिन हम देश की सीमा के परे निकलना चाहते थे!

‘अर्थ वौइसस’ के साथ मैं लोगों का ध्यान वन्यजीवो पर केंद्रित करना चाहता हूं और उनकी जरूरतों को पूरा करना चाहता हूँ! पृथ्वी की आवाज़ ( अर्थ वौइसस ) सुनने के लिए हमारे पास बहुत कम समय बचा है, हमें इसे गायब होने से पहले सुन लेना चाहिए”

अप्रैल में इसका एक टीज़र भी जारी किया गया था, जिसमें पृथ्वी के गर्भ से निकलने वाली रहस्यमय आवाजो को श्रेया घोषाल ने अपने बोल दिए, अभिषेक रे ने म्यूजिक तैयार किया और साथ में दृश्यात्मक विसुअल भी नजर आये.

अपरंपरागत संगीत धुनों पर श्रेया घोषाल के साथ काम करने की बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कई प्रोजेक्ट्स पर श्रेया के साथ काम किया है और वह एक आश्चर्यजनक प्रतिभाशाली गायिका है! ‘ अर्थ वौइसस ’ के लिए हमने उनकी आवाज़ को अलग तरह से इस्तेमाल किया हैं! इसमें उनकी ‘ओपेरा’ स्टाइल आवाज़ है, मैंने भाषा की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए एक गीत के बजाय एक ओपेरा की तरह सिम्फनी बनाई। ताकि पूरे विश्व के दर्शक इसको समझ सके, और हर तरह के लोगो को ये पसंद आये”

अभिषेक रे, जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 'बाघ (टाइगर) ट्रैकर भी हैं, बताते हैं की उन्हें बचपन से ही वन्यजीवो में बहुत दिलचस्पी रही हैं, “एक संगीतकार और कंपोजर के तौर पर यह प्रोजेक्ट, वाइल्डलाइफ के प्रति मेरे प्यार को व्यक्त करने का एक तरीका है। हम हमेशा बॉलीवुड गीतों की बाते और उनकी सराहना करते हैं। लेकिन मैं संगीत के जरिये अवाक (गूंगे) जानवरों की आवाज लोगो तक पहुचना चाहता हूँ, जो इंसानों की क्रूरता  का शिकार बनते  हैं”

अभिषेक रे ने विडियो को खुद के अभयारण्य सीताबाणी वन्यजीव रिजर्व के अंदर और आसपास फिल्माया हैं! इसमें भारतीय वन्यजीव की समृद्धि और विविधता को दर्शाया गया है।

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