मोदी सरकार से सीधे चार करोड़ ने मांगा रोज़गार, आठ लाख को ही मिली मदद

हालांकि साइट पर यह कोई आंकड़ा नहीं है कि इन 8.09 लाख में से कितनी को नौकरी मिली। हो सकता है जिन 8.09 लाख लोगों को मदद का डाटा साइट पर है, वो पकौड़ा रोजगार हो।...

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ही खोली पोल

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनाव 2014 के अपने घोषणापत्र में हर साल एक करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। अपने चार साल के कार्यकाल में युवाओं को नौकरी न दे पाने के लिए मोदी सरकार विपक्ष और जनता की आलोचना झेल रही है। अब प्रधानमंत्री भले ही पकौड़ै बेचकर 200 रुपया रोज कमाने को रोज़गार बता रहे हों, लेकिन सरकार का श्रम मंत्रालय पोल खोल रहा है कि अब तक देश के 4 करोड़ युवाओं ने मोदी सरकार से सीधे नौकरी मांगी, लेकिन सिर्फ दो प्रतिशत यानी 8.09 लाख युवाओं को ही सरकार ने नौकरी दिलाने में सहायता की।

चार करोड़ युवाओं ने कैसे मांगी सरकार से सीधे नौकरी?

दरअसल केंद्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय, का एक ज़ब पोर्टल नेशनल कैरियर सर्विस एनसीएस है, जिस पर पंजीकरण करके नोकरी पाने के लिए सरकार से सहायता मांगी जाती है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय, की साइट पर मौजूद आंकड़ों के हिसाब से 31 दिसंबर 2017 तक मोदी सरकार से 4 करोड़ युवाओं ने सीधे नौकरी केंद्र सरकार के इस जॉब पोर्टल नेशनल कैरियर सर्विस एनसीएस पर खुद को पंजीकृत करा के मांगी थी। दिए गए आंकड़ें बताते हैं कि लेकिन इन 4 करोड़ में से सिर्फ दो प्रतिशत यानी 8.9 लाख युवाओं को ही सरकार नौकरी दिलाने में मदद कर पाई। हालांकि साइट पर यह कोई आंकड़ा नहीं है कि इन 8.09 लाख में से कितनी को नौकरी मिली। हो सकता है जिन 8.09 लाख लोगों को मदद का डाटा साइट पर है, वो पकौड़ा रोजगार हो।

केंद्र सरकार का दावा है कि एनसीएस ऐसे युवाओं की जॉब सर्च करने में मदद करता है जो इस पोर्टल पर खुद को रजिस्‍टर्ड कराते हैं। युवा इस पोर्टल पर देख सकते हैं कि कहां नौकरियों की वैकेंसी है और वे इस पोर्टल के जरिए नौकरी के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

NCS पोर्टल पर 14.86 लाख रोजगार प्रदाता हैं पंजीकृत

एनसीएस पोर्टल पर 14.86 लाख रोजगार प्रदाता पंजीकृत हैं।

पंजीकृत बेरोजगार       3.94 करोड़

पंजीकृत रोजगार प्रदाता   14.86 लाख

दी गईं नौकरियां  8.09 लाख

(स्रोत- श्रम मंत्रालय)  

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