नोटबंदी की असलियत को उजागर करेगी 'नोट पे चोट एट 8 -11'

इमरान अहमद खान निर्देशित फिल्म "नोट पे चोट एट 8 /11 " - जो कि वास्तविक जीवन में घटित “नोट बंदी” पर एक राजनीतिक-कटाक्ष है, आने वाली 9  मार्च 2018 को रिजील होने जा रही है....

एजेंसी
हाइलाइट्स

इमरान अहमद खान मानते हैं कि “नोटबंदी” पर अभी भी बहुत व्यापक बहस और चर्चा की आवश्यकता है और अपनी फिल्म के जरिये वह इसकी शुरुवात करने जा रहे हैं।

मुंबई, 13-फरवरी. न्यूज़ हेल्पलाइन 

इमरान अहमद खान निर्देशित फिल्म "नोट पे चोट एट 8 /11 " - जो कि वास्तविक जीवन में घटित “नोट बंदी” पर एक राजनीतिक-कटाक्ष है, आने वाली 9  मार्च 2018 को रिजील होने जा रही है.

हम सभी को हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गयी “नोटबंदी” जैसी तकलीफदेह नीति अच्छे से याद हैं! यह कदम इतनी तेजी से और अचानक में लिया गया कि जिसके चलते पूरे देश में अशांति फ़ैल गई। बैंक और ए टी एम के बाहर लंबी कतारें और पैसे की कमी से जनजीवन अस्त-वस्त हो गया।

इमरान अहमद खान मानते हैं कि “नोटबंदी” पर अभी भी बहुत व्यापक बहस और चर्चा की आवश्यकता है और अपनी फिल्म के जरिये वह इसकी शुरुवात करने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा,

“नोटबंदी के बारे में बहुत ज्यादा शोर-शराबा और चीखना चिल्लाना हो रहा हैं, लेकिन कोई असली मुद्दे की बात नहीं कर रहा कि कैसे इस कदम ने सभी की जिंदगी बदल डाली, और इसके पीछे असली कारण क्या था? एक मध्यम वर्ग का आदमी जो कार के लिए पैसा बचा रहा था, कॉलेज की फ़ीस इकटठी कर रहा था या दहेज़ के लिए पैसे जुटा रहा था, वो तो बिलकुल बर्बाद हो गया, और हमारे राजनेता टीवी और न्यूज़ में एक दूसरे पर दोष लगाते रह गए।”

इमरान अहमद खान कहते हैं

“मेरी फिल्म, इस अचानक लिए गए कदम के चलते क्या बदलाव हुए, इसके बारे में बात करती है। मेरी फिल्म इस राजनैतिक कदम की पीछे की असलियत सामने लाती है। यह एक पारिवारिक मनोरंजन और सामाजिक व्यंग्य फिल्म है, जो दर्शकों को सोचने पर  मजबूर करेगी कि क्या उन्हें बेकार की चीजो पर पैसे खर्च करने चाहिए या नहीं।”

फिल्म को पंकज तिवारी ने  लिखा हैं. क्रियेटिव कृष्णा एंटरटेनमेंट और उमर जी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है  बाला शर्मा, ज्योति शर्मा और मुदित जैन ने और निर्देशक हैं इमरान अहमद खान।

फिल्म की कहानी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी “नोटबंदी” के बारे में बात करती है। 

प्रधान मंत्री की आवाज़ सुखद और आश्वस्त होनी चाहिए लेकिन आम आदमी “मित्रों” का नाम सुनते ही डरने लगा है।

नीरू तोची रैना ने फिल्म का संगीत दिया हैं। फिल्म को एडमेंट पिक्चर्स डिस्ट्रीब्यूट करेगी और फिल्म 9 मार्च 2018 को रिलीज होगी।

Imran Ahmed Khan directorial ‘Note Pe Chot At 8/11’ is a  True Story of Demonetization

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