वैश्विक भूख सूचकांक में भारत सौवें पायदान पर, राहुल ने सरकार पर कसा तंज- भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ

आईएफपीआरआई ने कहा है कि, '119 देशों में भारत 100वें स्थान पर है और समूचे एशिया में सिर्फ अफगानिस्तान और पाकिस्तान उससे पीछे हैं.' ...

हाइलाइट्स

इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) ने हाल ही में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों में कुपोषण की उच्च दर से देश में भूख का स्तर इतना गंभीर है और सामाजिक क्षेत्र को इसके प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाने की जरूरत है। पिछले वर्ष भारत इस सूचकांक में 97वें स्थान पर था।

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वैश्विक भूख सूचकांक में बांगलादेश, उत्तरी कोरिया और इराक से भी पीछे रहने पर मोदी सरकार पर तंज कसा है।

बता दें इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) ने हाल ही में जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों में कुपोषण की उच्च दर से देश में भूख का स्तर इतना गंभीर है और सामाजिक क्षेत्र को इसके प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाने की जरूरत है। पिछले वर्ष भारत इस सूचकांक में 97वें स्थान पर था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईएफपीआरआई ने कहा है कि, '119 देशों में भारत 100वें स्थान पर है और समूचे एशिया में सिर्फ अफगानिस्तान और पाकिस्तान उससे पीछे हैं.' रिपोर्ट के मुताबिक, '31.4 के साथ भारत का 2017 का जीएचआई (वैश्विक भूख सूचकांक) अंक ऊंचाई की तरह है और 'गंभीर' श्रेणी में है। यह उन मुख्य कारकों में से एक है जिसकी वजह से दक्षिण एशिया इस साल जीएचआई में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में से एक है।'

राहुल गांधी ने एक समाचार पोर्टल पर प्रकाशित इसी खबर का लिंक ट्वीट करते हुए दुष्यंत कुमार का एक शेर लिखा है -

भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ

आजकल दिल्ली में है जेरे-बहस ये मुद्दआ

- दुष्यंत कुमार

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