कर्नाटक और बी. एस. येदियुरप्पा के बहाने उठा सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधित्व का सवाल

अगर आज सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज के न्यायाधीश होते तो बिहार, गोवा, मणिपुर,मेघालय व कर्नाटक की तस्वीर कुछ और होती...

कर्नाटक और बी. एस. येदियुरप्पा के बहाने उठा सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधित्व का सवाल

नई दिल्ली। कर्नाटक और बी. एस. येदियुरप्पा के बहाने सोशल मीडिया में सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधित्व का सवाल एक बार फिर उठा है।

कई टिप्पणियों के बीच फेसबुक पर देवेंद्र प्रताप गोलू यादव ने लिखा

अगर आज सर्वोच्च न्यायालय में पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समाज के न्यायाधीश होते तो बिहार, गोवा, मणिपुर,मेघालय व कर्नाटक की तस्वीर कुछ और होती................!!

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