उमा भारती ने गिनवाए बापू की हत्या के फायदे और नुकसान

उमा भारती की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है...जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गांधी की हत्या की जांच दोबारा करवाने की गुंजाइश का पता लगाने के लिए न्यायमित्र नियुक्त किया है.......

हाइलाइट्स

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच कराए जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अगर दोबारा जांच होती है तो देखना होगा कि बापू को चौथी गोली किसने मारी थी।

देश को आजादी दिलाने में सबसे महत्तवपूर्ण योगदान देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या का भूत संघ परिवार को हमेशा सताता रहता है। रह रह कर बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे के संघ परिवार से संबंधों को लेकर विपक्षी दल संघ पर हमला बोलते रहते हैं। लेकिन आज तो केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने हत्यारों से इतर बापू की हत्या के फायदे और नुकसान को गिनवाया है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच कराए जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि अगर दोबारा जांच होती है तो देखना होगा कि बापू को चौथी गोली किसने मारी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के आरएसएस से संबंध की बात का सीधा जवाब न देते हुए उमा भारती ने बनासकांठा में कहा, 'मैं आज देश के लोगों और मीडिया से पूछना चाहती हूं कि गांधीजी की हत्या से सबसे ज्यादा लाभ किसे हुआ?'

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमा भारती ने कांग्रेस को भी लपेटे में लिया...उन्होंने कहा कि...महात्मा गांधी की हत्या से सबसे ज्यादा फायदा कांग्रेस को हुआ और सबसे ज्यादा नुकसान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को...क्योंकि हम जेल गए. हमें प्रतिबंधित किया गया और आज तक उसके लिए पीड़ा झेल रहे हैं....संघ को भी इसके लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा...वहीं कांग्रेस को फायदा इसीलिए हुआ...क्योंकि 'गांधीजी ने घोषणा की थी कि आजादी के बाद कांग्रेस को खत्म कर दिया जाएगा और नई राजनीतिक इकाई का गठन किया जाएगा...गांधी जी की हत्या के बाद कांग्रेस का वजूद बच गया...नहीं तो गांधी जी अगर जिंदा होते, तो कांग्रेस का नामोनिशान मिट चुका होता...

उमा भारती की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है...जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गांधी की हत्या की जांच दोबारा करवाने की गुंजाइश का पता लगाने के लिए न्यायमित्र नियुक्त किया है....

आपको बता दें कि...30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने दिल्ली में बिड़ला भवन के पास झाड़ियों से निकलकर महात्मा गांधी के सीने पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दी थीं. 

 

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