प. बंगाल पंचायत चुनाव; लोकतन्त्र की निर्मम हत्या

सीताराम येचुरी ने कहा चुनाव आयोग की भूमिका आपत्तिजनक और संदेहास्पद है। टीएमसी, प्रशासन और चुनाव आयोग में फर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है।...

नई दिल्ली 14 मई। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने प.बंगाल के पंचायत चुनावों में लोकतंत्र की निर्मम हत्या किए जाने की सख्त भर्त्सना करते हुए 14 मई को चुनाव के दौरान आज नई दिल्ली में एक पत्रकारवार्ता में हत्याओं, बूथ कब्जों और चुनाव को हथियाने के तथ्य और प्रमाण प्रस्तुत किए।

सीताराम येचुरी ने कहा कि ममता की तृणमूल कांग्रेस ने पंचायत की सौ फीसदी सीटों पर कब्जा करने की अपनी एलानिया नीयत को 34% सीटें निर्विरोध जीत कर एक तिहाई पूरा कर लिया था , बाकी के लिए आज हुए चुनावों को मखौल और वीभत्स हत्याओं का दिन बनाकर और जघन्य अपराध करके पूरा करना चाहा है।

24 परगना के नामखाना में घर में जलाकर मार डाले गए दम्पत्ति देबू दास और उषा दास की कल हुयी हत्या का जिक्र करते हुए सीताराम येचुरी ने कहा कि ऐसी अनेक हत्याएं हैं जिनमें खुल्ल्मखुल्ला टीएमसी गुण्डे शामिल हैं और पुलिस उनका साथ दे रही है।

उन्होंने कहा इतनी अधिक हिंसा से साफ़ हो गया है कि टीएमसी प्रशासन की इनमे लिप्तता के रहते निष्पक्ष चुनाव सम्भव नही है। जो घट रहा है उसे कोलकाता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहले ही कड़ी आपत्ति के साथ दर्ज कर चुका है। मगर इन दोनों अदालतों के एक भी निर्देश का पालन नहीं किया गया।

सीताराम येचुरी ने कहा चुनाव आयोग की भूमिका आपत्तिजनक और संदेहास्पद है। टीएमसी, प्रशासन और चुनाव आयोग में फर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है।

सीताराम येचुरी ने देश के सभी शान्ति एवं लोकतंत्र प्रेमी लोगो से अपील की है कि वे टीएमसी द्वारा लोकतंत्र की ह्त्या और हिसा के विरुद्ध आवाज उठाये।

उन्होंने अपनी सारी इकाइयों का आव्हान किया है कि वे लोगों को वोट डालने के हक़ से वंचित करने तथा लोकतंत्र की हत्या के विरुद्ध तुरंत विरोध कार्यवाहियां आयोजित करें।

सीताराम येचुरी ने पत्रकारों को विस्तृत जानकारी तथा तथ्य भी प्रदान किए।

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