अटल जी के नाम पर भाजपा की घटिया राजनीति से उनकी भतीजी क्षुब्ध और व्यथित

करुणा शुक्ला ने कहा है कि पिछले दस वर्षों से अटल जी को भाजपा ने परिदृष्य से पूरी तरह से गायब कर दिया था। इन दस वर्षों में जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां भी अटल जी का नाम भी नहीं लिया गया

हस्तक्षेप डेस्क
Updated on : 2018-08-21 22:28:40

अटल जी के नाम पर भाजपा की घटिया राजनीति से उनकी भतीजी क्षुब्ध और व्यथित

अटल जी को पिछले दस वर्षों में रमन सिंह ने कितने बार याद किया

अडवानी का जैसा अपमान हो रहा है वह भाजपा की मानसिकता की परिचायक : करुणा शुक्ला

रायपुर/21 अगस्त 2018। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला का कहना है कि अटल जी की मृत्यु के बाद भाजपा जिस तरह से उनके नाम को राजनीति के लिए भुनाने में जुटी है उससे वे क्षुब्ध और व्यथित हैं। उनका कहना है कि चार राज्यों में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही भाजपा को अटल जी के नाम को भुनाने का ध्यान आया है।

करुणा शुक्ला ने कहा है कि पिछले दस वर्षों से अटल जी को भाजपा ने परिदृष्य से पूरी तरह से गायब कर दिया था। इन दस वर्षों में जिन राज्यों में चुनाव हुए वहां भी अटल जी का नाम लेना तो दूर किसी पोस्टर या बैनर में अटल जी की तस्वीर तक नहीं लगाई गई। चूंकि अब चार राज्यों में भाजपा की नैया डूबती हुई दिख रही है तो एकाएक भाजपा को अटल जी डूबते को तिनके के सहारे की तरह दिख रहे हैं।

नया रायपुर अब कहलाएगा अटल नगर

नया रायपुर से लेकर विश्वविद्यालय का नामकरण अटल जी के नाम पर रखने पर उन्होंने कहा है कि रमन सिंह को पिछले दस बरसों में कितनी बार अटल जी याद आए उन्हें बताना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते छत्तीसगढ़ राज्य बना उसी राज्य की भाजपा सरकार ने अटल जी को जीते जी विस्मृत कर रखा था। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री ने कहा है कि जनता भाजपा के आडंबर को जानती है और समझ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच किलोमीटर पैदल चलने से लेकर मूर्ति लगाने और नामकरण करने का नाटक वोटों की राजनीति से जुड़ी है।

करुणा शुक्ला ने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी अजातशत्रु थे और उनसे हर कोई स्नेह रखते थे, सब उनका सम्मान करते है। जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी तक उनके कितने आत्मीय संबंध रहे यह इतिहास में दर्ज है। लेकिन भाजपा तो मानवीय संबंधों का सम्मान करना भूल चुकी है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण लालकृष्ण आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेता का पार्टी में हो रहा अपमान है। अडवानी का अपमान भाजपा की असली मानसिकता और चरित्र का जीताजागता सबूत है। उन्होंने कहा है कि अटल जी की भतीजी होने के नाते उन्हें इस घटनाक्रम से ज़्यादा दुख हो रही है, अटल बिहारी वाजपेयी के भाई अवध बिहारी वाजपेयी की बेटी होने कारण शायद उन्हें भाजपा की इस करतूत से इतनी ज्यादा पीड़ा हो रही है।

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