“अच्छे दिन” में डीयू में छात्र-छात्राओं पर पुलिसिया कहर, छात्रों का विरोध प्रदर्शन आज

On Fraudelent Evaluation in Maths Deptt. and Other Departments-Assault on Students...

नई दिल्ली, 15 मार्च। “अच्छे दिन” में दिल्ली विश्वविद्यालय के गणित विभाग में विद्यार्थी लगातार एक महीने से धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं क्योंकि विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट के दूसरे साल के लगभग 88% छात्र को फेल कर दिया गया है। लगातार धरना प्रदर्शन के बाद 9 मार्च को गणित विभाग के रविन्द्र ने लोकतांत्रिक प्रतिरोध का प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल को प्रारम्भ किया।

On Fraudelent Evaluation in Maths Deptt. and Other Departments-Assault on Students

छात्रों ने बताया कि प्रशासन ने लगातार अलग-अलग स्तर पर विद्यार्थियों को परेशान करने का कार्य किया। अतः गणित विभाग के छात्र और छात्र संगठनों द्वारा वी.सी. ऑफिस के सामने अपने विरोध का प्रदर्शन किया। इसके बाद शाम में बात करने के लिए आफिस से बुलाया गया परंतु उसमें किसी भी प्रकार के संतोषजनक हल निकल कर सामने नहीं आया। 14 मार्च को एक जनसभा का आयोजन किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के अघ्यापक, गणित विभाग के अलावा भौतिकी, रसायन, इंग्लिश, इतिहास विभाग के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से इस समस्या पर विचार किया और अपनी समस्या को रखा जो पूरी तरीके से प्रशासनिक स्तर की है।

छात्रों ने बताया कि 14 मार्च को 10 बजे रात में जब सारे विद्यार्थी अपनी मीटिंग कर रहे थे तभी पुलिस प्रशासन अचानक लगभग 100 पुलिस के साथ आयी और रविन्द्र को जबरदस्ती उठाने का प्रयास किया। इस प्रक्रिया में पुलिस बल ने उपस्थित विद्यार्थियों पर हाथापाई की, छात्राओं से मारपीट की। bsCEM अध्यक्ष राजवीर पर शक्ति प्रदर्शन के दौरान उसके गला घोंटने का प्रयास किया गया, वहीं DSU के सदस्य प्रबल और SFI के सुमित, अनिल और नोएल के साथ पुलिस ने हाथापाई  और उनके साथ अभद्रता की और अमानवीय रूप से घसीट कर मॉरिस नगर थाने ले जाया गया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को बेरहमी से पीटा। एक छात्रा के गले को दबाते हुए बुरी तरह से पकड़ा जिससे उस दौरान वह सांस भी नहीं ले पाई। छात्राओं और छात्रों के साथ गाली गलौज भी की गई। छात्रों को थाने ले जाकर भी पीटा गया।

इस तरह के कायराना पुलिसिया दमन से प्रशासन छात्रों की आवाज को नही दबादबाने की कोशिश कर रहा है । इस तरह की कायराना हरकतों से छात्र डरेंगें बल्कि और बढ़चढ़कर आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

प्रशासन छात्रों को इग्नोर करके पुलिस और लठैतों के बल पर यूनिवर्सिटी को चलाने की गलती कर रहा है।

छात्रों ने बताया कि इस हिंसक कृत्य के बाद गणित विभाग के छात्रों ने सामूहिक रूप से नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया है तथा अपने मांग को और व्यापक स्तर पर लाने का निर्णय लिया है। छात्रों के लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का कैंपस में जिस तरह से मज़ाक उड़ाया गया है और मानवीय मूल्यों का दामन किया गया है यह दिल्ली विश्वविद्यालय की वास्तविकता को दर्शाता है, और यह दर्शाता है कि इस कैंपस में अपने छात्रों के लिए कितना काम स्थान है। पुलिसिया दमन के खिलाफ आज 1.30 बजे मैथ्स छात्र डीयू के गेट न. 4 पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।