सिर्फ सोशल मीडिया का उपयोग करने से व्यक्ति डिजिटल साक्षर नहीं हो जाता

साइबर हमले का डर एवं चुनौती पूरे विश्व पर छाई है इसलिए हमें वैश्कवि स्तर की तैयारी करनी होगी।...

सिर्फ सोशल मीडिया का उपयोग करने से व्यक्ति डिजिटल साक्षर नहीं हो जाता

एमिटी विश्वविद्यालय में डिजिटाइजेशन एवं डिजिटिलाइजेशन पर अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन ‘‘इनफिनिटी 2018’’ का आयोजन

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मॉडल कैरियर सेंटर का लांच

नोएडा। एमिटी बिजनेस स्कूल द्वारा छात्रों को डिजिटल युग में आ रहे परिवर्तन एवं साइबर सुरक्षा, ब्लाकचेन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिषियल इंटेलिजेंस के संर्दभ में जागरूक करने हेतु ‘‘डिजिटाइजेशन एवं डिजिटिलाइजेशन - भूत, वर्तमान एवं भविष्य’’ विषय पर दो दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन ‘‘इनफिनिटी - 2018’’ का आयोजन एफ ब्लाक सभागार एमिटी विश्वविद्यालय में किया गया। इस सम्मेलन का शुभांरभ भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिक विभाग की वैज्ञानिक सुश्री तुलिका पांडेय, नेटर्वक सर्विसेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर श्री बिश्वजीत रथ, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ( एप्लायमेंट) बी एस सिंह, एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह, एमिटी एजुकेशन ग्रुप के सीनीयर वाइस प्रेसीडेंट एवं ग्रुप सीआईओ डा जे एस सोढ़ी एवं फैकल्टी मैनेजमेंट स्टडीज के डीन एवं एमिटी बिजनेस स्कूल के निदेशक डा संजीव बंसल ने पांरपरिक दीप जलाकर किया।

इस अवसर पर एमिटी बिजनेस स्कूल में अतिथियों द्वारा छात्रों को रोजगार संबधी जानकारी एवं उनका मार्गदर्षन करने हेतु श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मॉडल कैरियर सेंटर का उद्घाटन भी अतिथियों द्वारा किया गया। यह मॉडल कैरियर सेंटर, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से बिना किसी वित्तीय मदद के प्रारंभ किया गया है।

भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिक विभाग की वैज्ञानिक सुश्री तुलिका पांडेय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा की गई पहल इस प्रकार डिजाइन की गई है जिससे युवा सिर्फ लाभांवित नही होगें बल्कि वे उपलब्ध तकनीकी के नये तरीको से उपयोग के एप्लीकेशन्स में नवोन्मेष करके सहयोग भी कर सकते हैं और बेहतर सर्विस प्रदान करने में नई तकनीकों के प्रयोग पर सलाह भी दे सकते है।

उन्होंने कहा कि आधार स्कीम का उद्देश्य लोगों को डिजिटल पहचान प्रदान करना है जिससे हर व्यक्ति सरकारी सेवाओं एवं छूट को प्राप्त कर सके। यह डिजिटल पहचान आपको पूरे साइबर विश्व में स्मार्ट सिटिजन बनने में सहायता प्रदान करेगी।

सुश्री पांडेय ने छात्रों को ई लाइब्रेरी सर्विस, अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों का ऑनलाइन रखने के लिए डिजिटल लॉकर, भारतीय सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए ‘‘उमंग’’ सेवा की जानकारी दी।

सुश्री पांडेय ने कहा कि हर व्यक्ति की निजी सूचना एक महत्वपूर्ण वस्तु होती है जो डाटा प्रदाता करने वाले साइबर विश्व में बेच देते हैं। यह निजी सूचना विभिन्न सोशल मीडिया पर हमारे द्वारा दी गई होती है जिसे यह एकत्र करते हैं। लोगों को अपनी निजी सूचनाओं की सुरक्षा हेतु जागरूक रहना होगा और यह सीखना होगा कि डिजिटल क्षेत्र में सूचनाओं की सुरक्षा किस प्रकार करे। यह समय की मांग है लोगों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाई जाये।

उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया का उपयोग करने से व्यक्ति डिजिटल साक्षर नहीं हो जाता उसे सोशल मीडिया का उपयोग करने के आचार विचार एवं शिष्टाचार आना चाहिए। जब भी आप कोई एप्प डाउनलोड करें, पासर्वड रखें, बिना पढ़े शर्तों को एक्सेप्ट ना करें जैसे कार्यों से आप साइबर विश्व में सुरक्षित रह सकते हैं।

नेटर्वक सर्विसेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर विश्वजीत रथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हांलाकि तकनीक का विकास कई गुना हो चुका है लेकिन भारत वैश्विक मानकों के हिसाब से काफी पीछे है। आज हर व्यक्ति की डिजिटल उपस्थिति काफी जरूरी है और व्यापार एवं उद्यम भी डिजिटलीकरण करते हुए लोगों को डिजिटल सूचनाएं प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन एवं डिजिटिलाइजेशन, भविष्य के व्यवसायियों के लिए नये आयाम स्थापित कर रहा है।

श्री रथ ने छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग करते बेहतरीन सर्विस प्रदान करने वाले उद्यम के मॉडल बनाएं। उन्होंने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि डिजिटल उपयोग करने वाले बनें और अगर नई-नई चीजों को वे नही सीखेंगें तो हाशिए पर चले जायेंगें।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ( एप्लायमेंट) बी एस सिंह ने एमिटी विश्वविद्यालय में प्रारंभ मॉडल कैरियर सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार की यह पहल एक मंच के जरीए युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार अवसर प्रदान करना है। उन्होंने नेशनल कैरियर सर्विस प्रोर्टल एवं मॉडल कैरियर सेंटर के प्रमुख बिंदुओं के बारे में बताते हुए कहा कि यह सेवायें रोजगार एजेंसी से जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि मॉडल कैरियर सेंटर के जरीए उद्योगों की कौशल अपेक्षा एवं कार्यकुशल व्यक्तियों के मध्य के रिक्त स्थान को कांउसलिंग एवं प्रशिक्षण के जरीए कम किया जाता है। इस सेवा के डिजिटलीकरण से भारतीय युवा जो इंटरनेट का उपयोग करते हैं उनको राष्ट्रीय स्तर के अवसर प्राप्त होंगे। डिजिटलीकरण ही एक मात्र लोगों की आवश्यकतओं को पूरा कर सकता है।

एमिटी एजुकेशन ग्रुप के सीनीयर वाइस प्रेसीडेंट एवं ग्रुप सीआईओ के डा जे एस सोढ़ी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपनी डाटा की सुरक्षा करना एक चुनौती बनता जा रहा है। लगातार हो रहे साइबर हमलों के उपरांत भी अभी भी बहुत सारे उद्यम या उद्यम प्रबंधन इसके लिए पूर्व तैयारी नही रखते। हमें सुनिष्चित करना होगा कि साइबर स्पेस में हमारा व्यापार एवं डाटा सुरक्षित रहे। साइबर सुरक्षा को हमें कंपनी की मूलभूत संरचना की तरह आवश्यक तत्व बनाना होगा। साइबर सुरक्षा से हम सिर्फ पूर्व तैयारियों से निपट सकते हैं। आज हम हर क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन की ओर कदम बढ़ा चुके हैं इसलिए हम क्षेत्र में आ रही चुनौतीयों को समझ कर उनसे निपटने के लिए तैयार रहना होगा। साइबर हमले का डर एवं चुनौती पूरे विश्व पर छाई है इसलिए हमें वैश्कवि स्तर की तैयारी करनी होगी।

फैकल्टी मैनेजमेंट स्टडीज के डीन एवं एमिटी बिजनेस स्कूल के निदेशक डा संजीव बंसल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज उद्यम एवं इससे जुड़े सभी क्षेत्र डिजिटल हो चुके है ऐसे में इस डिजिटिलीकरण के युग में हो रहे परिवर्तनों को समझना एवं भविष्य में आने वाली चुनौतीयों के तैयार रहना आवश्यक है। छात्रों को डिजिटलीकरण के वर्तमान एवं भविष्य की जानकारी देने हेतु इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। बिजनेस के छात्र कल अपना उद्यम प्रांरभ करें या किसी बड़ी कंपनी में पद पर होगें ऐसे में छात्रों को डिजिटिलीकरण सहित साइबर सुरक्षा की जानकारी होनी चाहिए।

तकनीकी सत्र के अंर्तगत मैकअफे के निदेशक - एंटरप्राइस बिजनेस राकेश खरकवाल, डाटा सिक्योरिटह कांउसिल ऑफ इंडिया की सीईओ सुश्री रमा वेदर्षी, राष्ट्रीय सुरक्षा विषेषज्ञ अमित दुबे ने साइबर सिक्योरिटी एंड साइबर वारफेयर पर अपने विचार व्यक्त किये।

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