साझी संस्कृति : ‘सबके साथ सेंवई’ का हुआ आयोजन

मेलजोल का झंडा लहराने के लिए ‘सबके साथ सेंवई’ का हुआ आयोजन...

साझी संस्कृति : ‘सबके साथ सेंवई’ का हुआ आयोजन

मेलजोल का झंडा लहराने के लिए ‘सबके साथ सेंवई’ का हुआ आयोजन

लखनऊ, 1 जुलाई। खानपान और आपसी सौहार्द की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में इंदिरा नगर स्थित गाजीपुर की गरीब बस्ती में ईद के मौके पर कल ‘सबके साथ सेंवई’ का आयोजन किया गया। इस साझा कार्यक्रम का आयोजन इंसानी बिरादरी, अवाम मूवमेंट और मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किया गया। याद रहे कि पिछली 14 जनवरी को इसी तरह मकर संक्रांति के अवसर पर ‘सबके साथ खिचड़ी’ का आयोजन किया गया था।

आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कार्यक्रम के संयोजक और इंसानी बिरादरी के खिदमतगार वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि कार्यक्रम की यह श्रृंखला लोगों को बांटने की साजिश के खिलाफ सबको जोड़ने के सांस्कृतिक अभियान का हिस्सा है। होली-दीपावली की तरह ईद भी सबका त्यौहार है। सेंवई की मिठास सभी के लिए है। ईद गले मिलने के लिए है, मेलजोल का झंडा लहराने के लिए है।

वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता रफत फातिमा, नाहिद अकील, चमेली गौतम, पुष्पा सिंह, मोहम्मद नासिर, समक्ष, सैय्यद वसी, नदीम, सृजनयोगी आदियोग आदि शामिल हुए। ख़ास बात यह कि सेंवई तैयार करने का काम इंसानी बिरादरी से जुड़े स्थानीय निवासियों ने किया। शाम से शुरू हुआ यह आयोजन रात तक जारी रहा और इसमें तकरीबन बारह सौ लोगों ने भागीदारी की।

पवित्र महीने का नाम है रमजान

 इस मौके पर जारी परचे में कहा गया कि रमजान पवित्र महीने का नाम है। यह गुनाहों से तौबा करने के सामूहिक संकल्प का जरिया है। इस दौरान लोग भूख-प्यास और बुरे ख़यालों पर क़ाबू पाने के मुश्किल रियाज़ से गुज़रते हैं। एक माह लंबी इस कड़ी तपस्या के बाद आखि़रकार चांद अपना ख़ुशनुमा दीदार कराने अंधियारी ओट से निकल आता है- मुबारक ईद की मुनादी करता है।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।