योगी ने खुद को बचाने के लिए पहले परवेज परवाज को फंसाया, अब परिवार को कर रहे हैं आतंकित- रिहाई मंच

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे परवेज की पत्नी ने परिवार को झूठे मामले में फंसाने की जताई आशंका, सुरक्षा की लगाई गुहार...

योगी ने खुद को बचाने के लिए पहले परवेज परवाज को फंसाया, अब परिवार को कर रहे हैं आतंकित- रिहाई मंच

योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे परवेज की पत्नी ने परिवार को झूठे मामले में फंसाने की जताई आशंका, सुरक्षा की लगाई गुहार

लखनऊ 9 अक्टूबर 2018। रिहाई मंच ने यूपी सीएम के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे परवेज परवाज के परिवार को आतंकित करने और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने के षडयंत्र का आरोप योगी आदित्यनाथ पर लगाया है।

मंच ने कहा है कि इस बाबत परवेज की पत्नी रेहाना बेगम ने मानवाधिकार आयोग, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक गोरखपुर, आईजी गोरखपुर, डीआईजी गोरखपुर, एसएसपी गोरखपुर को भी शिकायती पत्र भेजा है।

रिहाई मंच ने कहा है कि यह मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के नाते पद के दुरुपयोग का भी मामला है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है ऐसे में माननीय मुख्य न्यायाधीश संज्ञान लें जिससे वादी और उनका परिवार स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके। डीजीपी से मांग की कि पुलिस उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई की जाए जिससे कोई अनहोनी को रोका जा सके।

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक फासीवादी हथकंड़ों के खिलाफ परवेज परवाज लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं। 2007 के भड़काऊ भाषण को लेकर योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात और परवेज द्वारा दायर मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

उन्होंने कहा कि 2007 में आदित्यनाथ और उनके साथियों पर दरगाह में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप है। इस मामले में योगी जेल भी गए थे। यह भी मामला सुप्रीम कोर्ट में है और इसके याचिकाकर्चा रशीद खान का पिछले दिनों निधन हो चुका है।

मुहम्मद शुऐब ने कहा कि परवेज परवाज की पत्नी ने आरोप लगाया है कि गोरखपुर पुलिस उन्हें और उनके पुत्रों को परेशान कर रही है। जबकि परिवार के किसी सदस्य पर कोई मुकदमा नहीं है। पुलिस धमका रही है और फर्जी मुकदमे में फंसाने के षड़यंत्र रच रही है। यह सब इसलिए कि परवेज मुकदमे से पीछे हट जाएं। मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपने खिलाफ कायम मुकदमे को वापस लेने हेतु आदेश करवाया था जिसके खिलाफ परवेज ने उच्च न्यायलय इलाहाबाद में रिट याचिका प्रस्तुत की थी जो निरस्त कर दी गई। इसे परवाज ने माननीय सर्वोच्च न्यायलय में चुनौती दी जो आज भी विचाराधीन है। न्याय की इस लड़ाई को तोड़ने के लिए योगी आदित्यनाथ ने परवेज और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भांति-भांति ढंग से प्रताड़ित करना आरम्भ कर दिया। इसी कड़ी में परवेज के खिलाफ थाना राजघाट, जिला गोरखपुर में मुकदमा दर्ज करवाया गया। इसपर अंतिम रिपोर्ट लग जाने के बाद योगी आदित्यनाथ के इशारे पर पुनर्विवेचना का आदेश हुआ।

उन्होंने कहा कि परवेज के जेल जाने के बाद उनका परिवार इतना आतंकित है कि घर में रहने का साहस नहीं जुटा पा रहा। परवेज का एक बेटा विकलांग है, सुनने व बोलने से लाचार है।

ज़रा हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।