अच्छे दिन : पुलिस जवानों ने राजनाथ सिंह को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने से किया इनकार

राजस्थान में पुलिस में हलचल है। एक घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को सलामी देने से इंकार करते हुए एक दिन की छुट्टी ले ली।...

हाइलाइट्स

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जवानों ने सामूहिक अवकाश के लिए अर्जी दी थी, लेकिन, अफसरों ने छुट्टी नामंजूर कर दी। इससे नाराज होकर कई जगह जवान गैरहाजिर हो गए।

नई दिल्ली। राजस्थान में पुलिस में हलचल है। एक घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को सलामी देने से इंकार करते हुए एक दिन की छुट्टी ले ली।

एक निजी समाचार चैनल के वेब एडिशन की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पुलिसकर्मियों की नाराजगी का सामना करना पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, राजनाथ को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने के लिए आठ जवानों को जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर वे सभी छुट्टी पर चले गए। बाद में दूसरी टीम भेजकर गृहमंत्री को सलामी दिलवाई गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले जोधपुर दौरे पर आए एडीजी एमएल लाठर को भी जवानों ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने से मना कर दिया था. जिसके बाद तत्काल दूसरी टीम बुलाई गई और एडीजी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जवानों ने सामूहिक अवकाश के लिए अर्जी दी थी, लेकिन, अफसरों ने छुट्टी नामंजूर कर दी। इससे नाराज होकर कई जगह जवान गैरहाजिर हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, गृहमंत्री के मामले में जोधपुर के पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ का कहना है कि किसी वीवीआईपी या वीआईपी को सलामी देने के लिए टीम निर्धारित नहीं होती। गृहमंत्री के दौरे के वक्त ज्यादातर जवान छुट्टी पर थे। इसलिए उनकी जगह दूसरी टीम भेजकर सलामी दिलवाई गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, एडीजी एमएल लाठर ने कहा कि वो जोधपुर कमिश्नरेट का निरीक्षण करने गए थे, वहां जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने से मना कर दिया। जिन जवानों का नाम इस मामले में सामने आया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक अन्य निजी समाचार चैनल के वेब एडिशन की रिपोर्ट के मुताबिक ये हैं जवानों की मांगें

- सैलरी से कटौती नहीं की जाए।

- मैस एलाउंस 1600 रु. से बढ़ाकर चार हजार रुपए किए जाए।

- हार्ड ड्यूटी एलाउंस 12% से बढ़ाकर 50% किया जाए।

- कॉन्स्टेबल की एलिजिबिलिटी 12वीं पास की जाए।

- बाइक एलाउंस 2000 रु. किया जाए।

- सातंवा वेतर आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हो।

अधिकारी और न्यायधीशों के गनमैन समर्थन में आये

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के इस आंदोलन को कर्मचारी संघो के साथ ही अधिकारियों और न्यायधीशों का भी समर्थन मिल रहा है। कई जगह गनमैन भी ड्यूटी पर नहीं रहे और जहां ड्यूटी पर रहे उन्होंने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। वहीं पुलिस के जवानों का मैस बहिष्कार जारी है।

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