माकपा ने पूछा, क्या भाजपा अध्यक्ष के बेटे जांच से ऊपर हैं ?

"जय शाह मित्र पूंजीवाद के एक मामले का केंद्र बन गए हैं और व्यापारिक दुराचार के बारे में सवाल उठ रहे हैं।"...

नई दिल्ली। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने सरकार से आग्रह किया है कि अमित शाह के बेटे जय शाह के व्यापारिक सौदों की जांच करने का निर्देश केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) को दिया जाए।

माकपा के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' में प्रकाशित संपादकीय 'क्या भाजपा अध्यक्ष के बेटे जांच से ऊपर हैं?' में लिखा गया है, "जय शाह मित्र पूंजीवाद के एक मामले का केंद्र बन गए हैं और व्यापारिक दुराचार के बारे में सवाल उठ रहे हैं।"

संपादकीय में जय शाह की कंपनी टेंपल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड के 2014-15 के दौरान केवल 50,000 रुपये का कारोबार 2015-16 में 80.5 करोड़ रुपये, यानी 16,000 गुना बढ़ जाने पर सवाल उठाया गया है।

संपादकीय के अनुसार, "जय शाह की वर्ष 2015 में स्थापित एक और आयात-निर्यात करने वाली कंपनी कुसुम फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड अचानक पवनचक्की के क्षेत्र में जाने का फैसला करती है। कंपनी को 2.1 मेगावाट का पवनचक्की संयंत्र स्थापित करने के लिए एक सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम 'भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' से 10.35 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाता है।" 

पार्टी के संपादकीय में जय शाह की व्यापारिक गतिविधियों पर कई प्रश्न उठाए गए हैं। पार्टी ने कहा है कि जय शाह भारत का एक आम नागरिक है, जिसके बचाव में रेलमंत्री पीयूष गोयल उतर आते हैं और भाजपा अपने अध्यक्ष के बेटे के सभी गलत कार्यो को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

संपादकीय के अनुसार,

"मोदी सरकार को निश्चय ही जय शाह की कंपनी की जांच करानी चाहिए। सीबीआई और ईडी को कम से कम यह दिखाने के लिए ही सही कि ये जांच एजेंसियां आर्थिक गुनहगारों से निपटने में भेदभाव नहीं करती है, के लिए काम पर लगाना चाहिए।"

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