गोरखपुर में 30 से ज्यादा बच्चों की मृत्यु : इस्तीफा दें संवेदनहीन मुख्यमंत्री : डॉ. राकेश सिंह राना

गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में जापानी इंफलाइटिस के कारण 30 से ज्यादा बच्चों की मृत्यु का मामला : संवेदनहीन है प्रदेश की योगी सरकार - डॉ. राकेश सिंह राना...

हाइलाइट्स

प्रदेश की सरकार पूर्ण रूप से संवेदनहीन सरकार है भाजपा चुनाव से पूर्व सुशासन, रामराज्य, कानून व्यवस्था की बहुत बातें करती थी परंतु आज हर मोर्चे पर विफल है। किसान मर रहा है, व्यापारी परेशान है, लोग असुरक्षित हैं, इलाज मिल नहीं पा रहा है, सरकार की चिंता इन विषयों पर है ही नहीं क्योंकि सरकार में बैठे लोग यह जानते हैं कि कैसे चुनाव के वक्त लोगों का ध्यान मुद्दों से भटकाकर हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर कैसे लाया जा सकता है और लोगों की भावनाओं से कैसे खेला जा सकता है।

 

संवेदनहीन है प्रदेश की योगी सरकार : डॉ. राकेश सिंह राना

गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में जापानी इंफलाइटिस के कारण 30 से ज्यादा बच्चों की मृत्यु का मामला

हाथरस। पूर्व विधान परिषद् सदस्य डॉ. राकेश सिंह राना ने गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में जापानी इंफलाइटिस के कारण 30 से ज्यादा बच्चों के मृत्यु को दिल दहलाने वाली घटना बताते हुए कहा है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।

श्री राना ने कहा कि मृत्यु का कारण भी मीडिया द्वारा ऑक्सीजन के खत्म होने को बताया गया क्योंकि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के मेडिकल कॉलेज के ऊपर 6800000 लगभग बकाया था, भुगतान ना होने के कारण कंपनी ने ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी।

उन्होंने कहा कि सवाल उठता है कि लगभग 6800000 रुपए की कीमत उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग एवं मेडिकल कॉलेज के लिये बहुत बड़ी रकम है? ऐसा बिल्कुल नहीं है, यह रकम सरकार के लिए ऊँट के मुंह में जीरा के समान है।

प्रदेश की सरकार पूर्ण रूप से संवेदनहीन सरकार है भाजपा चुनाव से पूर्व सुशासन, रामराज्य, कानून व्यवस्था की बहुत बातें करती थी परंतु आज हर मोर्चे पर विफल है। किसान मर रहा है, व्यापारी परेशान है, लोग असुरक्षित हैं, इलाज मिल नहीं पा रहा है, सरकार की चिंता इन विषयों पर है ही नहीं क्योंकि सरकार में बैठे लोग यह जानते हैं कि कैसे चुनाव के वक्त लोगों का ध्यान मुद्दों से भटकाकर हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर कैसे लाया जा सकता है और लोगों की भावनाओं से कैसे खेला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह घटना इसलिए और अधिक निन्दनीय है क्योंकि गोरखपुर मुख्यमंत्री का गृह जनपद है। यदि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में चिकित्सा सेवाओं का यह हाल है तो बाकी प्रदेश का तो ईश्वर ही मालिक है। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार सिर्फ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कराने के रोज नए-नए हथियार ढूंढने में व्यस्त है और जनता त्रस्त है।

डॉ. राना ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री में जरा भी नैतिकता बची है तो उन्हें अविलंब त्यागपत्र दे देना चाहिए। 

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