चिदंबरम, लालू के ठिकानों पर छापे, विपक्ष ने बताया प्रतिशोध की राजनीति

विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और इसकी निंदा की।...

नई दिल्ली/चेन्नई/पटना, 16 मई। विपक्ष के दो बड़े नेताओं पी.चिदंबरम तथा लालू प्रसाद यादव के विभिन्न ठिकानों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा आयकर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को व्यापक स्तर पर छापेमारी की। पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के ठिकानों पर भी छापे मारे गए। उन पर एक मीडिया कंपनी को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के बदले रकम वसूलने का आरोप है, तो लालू प्रसाद पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप है।

विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और इसकी निंदा की।

दिन की शुरुआत सीबीआई ने नई दिल्ली, चेन्नई, गुरुग्राम तथा तमिलनाडु के करईकुडी में चिदंबरम व उनके बेटे के ठिकानों पर छापेमारी से की, जबकि आयकर विभाग ने लालू तथा उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित दिल्ली व गुरुग्राम के 22 ठिकानों पर छापेमारी को अंजाम दिया।

चेन्नई के नुनगमबाकम में चिदंबरम तथा कार्ति चिदंबरम के आवास पर सीबीआई की छापेमारी उसके द्वारा दर्ज उस प्राथमिकी के बाद सामने आई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एफआईपीबी द्वारा कथित तौर पर आईएनएक्स मीडिया (अब 9एक्स मीडिया) को दी गई मंजूरी के बदले 3.5 करोड़ रुपये का फायदा कमाया गया। इसमें कहा गया है कि हो सकता है कि आईएनएक्स समूह को फायदा पहुंचाने के बदले कार्ति चिदंबरम को लगभग 3.5 करोड़ रुपये मिले। कार्ति को यह रकम उन कंपनियों के माध्यम से मिली, जिसमें उनके हित प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर जुड़े हुए हैं।

एफआईपीबी द्वारा यह मंजूरी उस समय दी गई थी, जब चिदंबरम केंद्रीय वित्तमंत्री थे और पीटर व इंद्राणी मुखर्जी आईएनएक्स मीडिया का संचालन करते थे।

प्राथमिकी में चिंदबरम के नाम का उल्लेख नहीं है, लेकिन कहा गया है कि उन्होंने 18 मई, 2007 को एफआईपीबी की बैठक के दौरान 4.62 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए एफआईपीबी को इस संबंध में मंजूरी दी थी।

चिदंबरम व उनके बेटे ने इस कार्रवाई को प्रतिशोध की भावना से प्रेरित राजनीति बताया है और कहा है कि छापेमारी के डर से वह सरकार की आलोचना करना नहीं छोड़ेंगे।

कार्ति ने कहा,

"मेरे खिलाफ यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। मेरे खिलाफ कुछ भी साबित नहीं होगा, क्योंकि मैंने कोई अपराध नहीं किया है। सरकार के खिलाफ मेरे पिता की आवाज को दबाने के लिए यह किया गया है।"

मंगलवार को छापेमारी के कुछ देर बाद चिदंबरम ने बयान जारी कर कहा,

"एफआईपीबी की मंजूरी सैकड़ों मामलों में दी गई। एफआईपीबी में पांच सचिव, एफआईपीबी सचिवालय के अधिकारी और हर एक मामले में सक्षम प्राधिकारी सरकारी अधिकारी शामिल हैं। उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है। मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं है।"

प्राथमिकी में कार्ति के अलावा, आईएनएक्स की निदेशक इंद्राणी मुखर्जी तथा उनके पति पीटर मुखर्जी का नाम है। फिलहाल, इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में अपने पति पीटर के साथ जेल में हैं।

वहीं, दूसरी तरफ आयकर विभाग ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ कथित 1,000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति के सिलसिले में दिल्ली तथा उसके आसपास उनके 22 ठिकानों पर छापेमारी की।

आयकर विभाग ने लालू प्रसाद के अलावा, राजद सांसद पी.सी.गुप्ता के आवासों के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा व गुरुग्राम में कई कारोबारियों व रियल एस्टेट एजेंटों के आवास पर भी छापेमारी की।

छापेमारी मंगलवार तड़के तीन बजे शुरू हुई, जिसमें 100 से अधिक अधिकारी शामिल थे।

आयकर विभाग के अधिकारियों ने कुछ सरकारी अधिकारियों के 10 से अधिक ठिकानों पर भी छापेमारी की।

विभाग की यह कार्रवाई बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के आरोपों के मद्देनजर हुई है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद, उनके बेटे बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव तथा बेटी मीसा भारती जमीन के भ्रष्ट सौदों में संलिप्त हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा था कि अगर राजद प्रमुख और उनके परिवार के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत हैं, तो केंद्र सरकार को मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उनका यह बयान सुशील कुमार मोदी के उस बयान के प्रतिक्रिया स्वरूप आया था, जिसमें उन्होंने लालू प्रसाद तथा उनके परिवार के सदस्यों पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था।

केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि राजद प्रमुख की बेटी मीसा भारती ने निर्वाचन आयोग को इन कथित संपत्तियों की जानकारी नहीं दी। प्रसाद ने निर्वाचन आयोग से मीसा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की।

रवि शंकर प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि ये भूमि सौदे उस समय हुए, जब लालू संयुक्त प्रगतिशलील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रेल मंत्री थे। उन्होंने नीतीश कुमार को लालू के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती दी।

आईटी विभाग के छापे के बाद सुशील मोदी ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में उनके कथन की पुष्टि हुई।

राजद के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा "लालू प्रसाद के मुखर होने तथा साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई दलों को एकजुट करने के प्रयास के कारण भाजपा उनके खिलाफ साजिश कर रही है।"

चिदंबरम तथा उनके बेटे के ठिकानों पर हुई छापेमारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने कहा, "सच्चाई यही है कि बदले की भावना भाजपा का डीएनए बन गई है। न चिदंबरम न ही कांग्रेस का कोई नेता और न ही विपक्ष का कोई नेता बदले और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित राजनीति से विचलित होगा और न ही भयभीत होगा।"

पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापम घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा ललित मोदी को विदेश भगाने में मदद करने वाली राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जैसे अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम हुए हैं।

सुरजेवाला ने कहा, "भाजपा पूरी तरह से एक के बाद दूसरे घोटाले के कीचड़ में पूरी तरह फंस गई है। अगर मानदंड नैतिकता है, तो वह (मोदी) सहारा-बिड़ला कंप्यूटर एक्सेल शीट मामले में जांच से क्यों भाग रहे हैं, जिसमें कोई दूसरा नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री का नाम रिश्वत लेने वालों की सूची में शामिल है।"

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