मेवात का शमीम झाण्डा मर्डर केस : लावारिस बता कर जला दी थी लाश, पुलिस नहीं दे रही पंचनामा की कॉपी

इक़रार मुझे अपनी तबाही के लिए था मैं क़त्ल हुआ, मैं ही गवाही के लिये था...

नई दिल्ली। मेवात के शमीम झाण्डा मर्डर केस में एकनया आरोप लगा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धांधली हुई है। जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मोहम्मद असद हयात ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर कुछ चित्र शेयर करते हुए निम्न टिप्पणी की है।

“शमीम झाण्डा मर्डर केस : मेवात

लावारिस बता कर जला दी गयी थी लाश

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पुलिस नहीं दे रही पंचनामा की कॉपी: क्यों फूली है सांस,

पोस्टमॉर्टम में हुई धांधली

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के पेज नंबर 1 पर मृतक की खोपड़ी, नाक और मुँह के कुछ हिस्सों जैसे ठोड़ी पर आयी हुई चोटों का उल्लेख किया गया है जिनसे सफ़ेद रंग का तरल पदार्थ बाहर आ रहा है। इन सभी चोटों की लंबाई, चौड़ाई और गहराई का कोई उल्लेख पोस्टमॉर्टम रिपार्ट में नहीं किया गया है। खोपड़ी को खोला ही नहीं गया लिहाज़ा उस के अंदर की चोटों का भी उल्लेख नहीं है।

मृतक शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे छोटी आंत, बड़ी आंत और Eमाशय आदि को healty लिखा है और उन में क्या कंटेंट्स थे इसका भी उल्लेख नहीं है। मृतक के जिस्म को नहीं खोला गया है।

लाश बरामद होने के बाद जो फोटो लाश के हैं उनको देखने से साफ़ पता चलता है कि जो चोटें, खरोंचे और निशानात उस पर पाए गए, उनका कोई उल्लेख पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं है। लाश के दोनों हाथों पर और पेट पर गंभीर चोटें साफ़ नज़र आ रही हैं, जिनका कोई उल्लेख पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नहीं है।

मृतक की आयु भी नहीं लिखी है।

मृतक के प्राइवेट पार्ट पर ख़तना न होने का उल्लेख है

घटना के सम्बन्ध में जो परिस्तिथि जन्य साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार, मृतक अभियुक्तों के कब्ज़े में था और जिन्होंने मृतक के साथ बेरहमी से मार पीट की, और इस मार पीट के सबूतों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रदर्शित नहीं किया गया है जिस का मक़सद अभियुक्तो को लाभ पहुँचाना है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट गलत है और सबूत मिटाने के मक़सद से तैयार की गयी है।

शमीम झाण्डा मर्डर केस

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Iqrar Mujeh apni tabahi ke Liye tha...

Mai Qatal huwa Mai hi gawahi ke Liye tha..

इक़रार मुझे अपनी तबाही के लिए था

मैं क़त्ल हुआ, मैं ही गवाही के लिये था

 

असद हयात”

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