क्या भाजपा और “अजय सिंह बिष्ट” उर्फ “योगी आदित्यनाथ” हिन्दूविरोधी और ब्राहमण विरोधी हैं

क्या भाजपा और “अजय सिंह बिष्ट” उर्फ “योगी आदित्यनाथ” हिन्दूविरोधी और ब्राहमण विरोधी हैं...

क्या भाजपा और अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ हिन्दूविरोधी और ब्राहमण विरोधी हैं

नई दिल्ली, 07 नवंबर। अकसर यह आरोप लगते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ हिन्दूविरोधी और ब्राहमण विरोधी हैं, लेकिन दीपावली पर यह मुहिम कुछ तेज हो गई है, जो भाजपा और मोदी-योगी की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

बता दें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या में भव्य राम मूर्ति के लिए एक योजना की घोषणा की।

राम मंदिर पर, उन्होंने कहा: "मंदिर था, है, और रहेगा"।

मंगलवार को, यूपी सरकार ने फैजाबाद का नाम अयोध्या रखा।

मंगल पांडे सेना प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार अमरेश मिश्रा ने फेसबुक पर लिखा,

“दोगले ब्राहमणों, अभी विवेक तिवारी, धर्मेन्द्र तिवारी, सुमित शुक्ला की चिता की आग ठण्डी भी नहीं हुई थी, और तुम ब्रह्मद्रोही, सनातन/वेद-विरोधी अपराधी-गोरखपन्थी, अजय सिंह बिष्ट, के फैसलों का स्वागत करने लगे!

भूल गये—इसी ने अमर शहीद मंगल पांडे की प्रतिमा नहीं लगने दी थी!

अगर योगी की तारीफ करनी है, तो सुमित शुक्ला की हत्या पर दुख का नाटक क्यूं किया?

योगी, करुणा शुक्लाजी, यानी अटलजी की सगी भतीजी और एकमात्र राजनैतिक वारिस, का विरोधी है। योगी रमन सिंह, जिसके खिलाफ करुणा जी राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ रही हैं, का समर्थक है।“

भैया राजीव शंकर मिश्र, बनारस वालों ने फेसबुक पर लिखा –

“जब आप रामायण का उत्तर कांड पढ़ेंगे तो उसमें लिखा पाएंगे कि सरयू शापित नदी है। उसमें स्नान करने का भी पुण्य नहीं मिलता। सरयू की पूजा, आरती वर्जित है।

रामचंद्र जी ने अपने तीनों भाइयों के साथ सरयू में जल समाधि लेकर ही अपनी इहलीला समाप्त की थी। इसलिए शिवजी ने उसे श्राप दिया था कि हे सरयू, अब अगर तुम्हारे जल में कोई आचमन भी करेगा तो नर्क का भागीदार होगा। तुम्हारा जल किसी भी पूजा में शामिल नहीं किया जाएगा, तुम्हारी कोई पूजा नहीं करेगा। क्योंकि तुम भगवान राम की मृत्यु का कारण बनी हो।

महर्षि वाल्मीकि लिखते हैं कि यह भीषण शाप पाकर सरयू भगवान शिव के चरणों में गिर गई। बोली, प्रभु जो हुआ, वह विधि के विधान के कारण हुआ है। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। तब भगवान शिव ने सरयू से कहा, मैं केवल तुम्हें इतनी रियायत देता हूं कि अगर तुम्हारे जल में कोई स्नान करेगा, तो उसे पाप नहीं लगेगा। हां, उसे पुण्य भी नहीं मिलेगा। बाकी पूरा श्राप सरयू पर आज भी लागू है।

कहीं भी यज्ञ होता है, तो उसके लिए सात नदियों का जल लाया जाता है। जिन सात नदियों का जल लाया जाता है, उनमें सरयू शामिल नहीं है। कुंभ, अर्धकुंभ जैसा कोई आयोजन सरयू के किनारे नहीं होता।

अयोध्या में ही जाकर पता कर लीजिए सरयू का जल वहां किसी भी मंदिर की पूजा में शामिल नहीं किया जाता। सभी नदियों की पूजा होती है, सरयू की नहीं होती। ज्ञानवान साधु संत सरयू में जाकर स्नान नहीं करते।

वे लोग अनाड़ी हैं, उन लोगों को हिंदू धर्म का कोई ज्ञान नहीं है, जो लोग सरयू की पूजा आरती करते हैं, उसमें स्नान करते हैं। हिन्दू धर्म की कमान ऐसे ही अनाड़ी साधुओं के हाथ में आ गई है जो चिंताजनक है।

सरयू तट पर हो रहे दीपोत्सव का इस पोस्ट से कोई संबंध नहीं है।

हरिबोल...”

भैया राजीव शंकर मिश्र, की इस टिपण्णी पर वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि जान लें कि नारंगी खटमल असली हिन्दू हैं ही नहीं।“

अमरेश मिश्रा ने फेसबुक पर लिखा,

“योगी, सनातन धर्म को मत ललकारो! भगवान राम की स्टैच्यू (प्रतिमा) नहीं, मंदिर चाहिये!

उत्तर प्रदेश में छात्रों, महिलाओं, ब्राह्मणों, अल्पसंख्यकों, OBC-दलितों का खून बहाने के बाद, योगी कह रहे हैं कि अयोध्या में मन्दिर नहीं, भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा बनेगी।

अब सरदार पटेल की प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है। भगवान की 100 मीटर?

दूसरी बात, प्रतिमाएं महापुरुषों की बनती हैं। भगवान के मंदिर बनते हैं। क्या अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ इतना भी नहीं जानते? तो फिर यह महंत किस बात के हैं? इनको सनातन धर्म/ संस्कृति की क्या बिलकुल समझ नहीं?”

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

Topics - yogi adityanath news, UP CM Yogi Adityanath renames Faizabad as Ayodhya, yogi adityanath news in hindi, yogi adityanath in hindi, Who is the Yogi Adityanath?, Yogi proposes setting up of grand statue of Ram in Ayodhya, yogi adityanath at Ayodhya,

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।