ठीक नहीं हो सकती महिलाओं की पीसीओएस, पर प्रबंधित हो सकती है

भारत में प्रत्येक 5 में 1 महिला पीसीओएस से प्रभावित...

देशबन्धु

भारत में प्रत्येक 5 में 1 महिला पीसीओएस से प्रभावित

नई दिल्ली, 6 अगस्त। एक अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) वाली महिलाओं से पैदा होने वाले बच्चों में ऑटिज्म होने की अधिक संभावना हो सकती है। अध्ययन के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक महिला पीसीओएस से प्रभावित होती है।

हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के. के. अग्रवाल क् मुताबिक,

"लड़कियों और महिलाओं के बीच पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए सावधानीपूर्वक मूल्यांकन, समय पर हस्तक्षेप और उचित उपचार की आवश्यकता होती है। सही समय पर निदान न होने पर पीसीओएस महिलाओं को अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं जैसे उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, चिंता और अवसाद, स्लीप एप्निया, दिल का दौरा, मधुमेह और एंडोमेट्रियल, डिम्बग्रंथि व स्तन कैंसर के लिए कमजोर बना सकता है।"

डॉ. के. के. अग्रवाल के मुताबिक,

"आजकल, इस स्थिति के लिए एक अस्वास्थ्यकर आहार पैटर्न और बैठे रहने वाला जीवन प्रमुख जोखिम कारक बन गए हैं। पीसीओएस में इंसुलिन का स्तर भी सामान्य से अधिक स्तर तक बढ़ता है, जो वजन बढ़ने और अन्य मुद्दों का कारण बन सकता है।"

क्या हैं पीसीओएस के लक्षण

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक वजन बढ़ना, थकान, अवांछित बाल उगना, बाल पतले होना, बांझपन, मुंहासे, पैल्विक पेन, सिर दर्द, नींद की समस्याएं और मूड स्विंग आदि पीसीओएस के विशिष्ट लक्षणों में शामिल हैं। ज्यादातर लक्षण युवावस्था के तुरंत बाद शुरू होते हैं और वे देर से किशोरों और प्रारंभिक वयस्कता में भी विकसित हो सकते हैं।

ठीक नहीं हो सकता पीसीओएस, पर प्रबंधित हो सकता है

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक

"पीसीओएस ठीक नहीं हो सकता, लेकिन इसे शरीर का वजन पांच से 10 प्रतिशत तक कम कर और जीवनशैली में बदलाव लाकर प्रबंधित किया जा सकता है। साथ ही सक्रिय दिनचर्या बनाए रखना और स्वस्थ भोजन करना भी महत्वपूर्ण है। बदले में यह मासिक धर्म चक्र को नियमित करने और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करेगा।"

पीसीओएस का उपचार (प्रबंधित करने का तरीका)

उन्होंने कहा,

"ब्रोकोली, फूलगोभी और पालक जैसे उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का उपभोग करें। बादाम, अखरोट, ओमेगा और फैटी एसिड में समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं। तीन बार अधिक भोजन करने के बजाय पांच बार कम मात्रा में भोजन करें, क्योंकि यह मैटाबोलिज्म को ठीक रखेगा। वजन का सही स्तर बनाए रखें। सप्ताह में पांच दिन हर रोज लगभग 30 मिनट के लिए शारीरिक व्यायाम करें। योग और ध्यान जैसी तकनीकों के माध्यम से तनाव से बचें। धूम्रपान और शराब छोड़ें, क्योंकि यह पीसीओएस वाले लक्षणों में वृद्धि कर सकते हैं।"

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