कोई जादू नहीं, कर्नाटक से मोदी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है

अगर प्रधानमंत्री मोदी का कोई जादू था तो भाजपा बहुमत से दूर क्यों रह गई ? भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले मत कम क्यों मिले ?

अमलेन्दु उपाध्याय
Updated on : 2018-05-15 22:56:49

अमलेन्दु उपाध्याय

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम लगभग आ चुके हैं। सीटों के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मतगणना के शुरू होते ही गोदी मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिमामंडन प्रारंभ कर दिया। शाम होते-होते स्वयं प्रधानमंत्री अपनी पीठ थपथपाने मैदान में उतर गए और कर्नाटक में भाजपा की ऐतिहासिक विजय बताने लगे। इसमें कोई दोराय नहीं है कि यह क्षमता भाजपा मेंही हैकिवह अपनी हार पर भी जश्न मना सकती है।

पहली बात यह है कि कर्नाटक ने खंडित जनादेश दिया है। न कांग्रेस हारी है और न भाजपा जीती है क्योंकि भाजपा भी बहुमत से काफी दूर है। शाम पाँच बजे तक जो आंकड़े सामने आए हैं उसके मुताबिक कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सर्वाधिक मत हासिल किया है और उसे 37.9% मत मिले हैं, जबकि भाजपा को कुल 36.2 प्रतिशत मत मिले हैं और भाजपा विरोधी तीसरे मोर्चे के जनता दल (सेक्युलर) को 18.5 प्रतिशत मत मिले हैं। इस तरह साफ जाहिर है कि प्रधानमंत्री मोदी का कोई जादू नहीं चला है, बल्कि सही मायनों में कहा जाए तो कर्नाटक से मोदी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

अगर प्रधानमंत्री मोदी का कोई जादू था तो भाजपा बहुमत से दूर क्यों रह गई ? भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले मत कम क्यों मिले ? जबकि चुनाव पूर्व तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कह रहे थे कि कांग्रेस भाजपा से 14चुनाव हारी है। ऐसे में भाजपा को उत्तर प्रदेश की तरह छप्पर फाड़ बहुमत नहीं तो कम से कम पूर्ण बहुमत तो लाना ही चाहिए था।

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