पीएमओ में तैनात मंत्री शुजात बुखारी को श्रद्धांजलि दे रहे थे या यहूदी डिक्सन प्लान के भारत विरोधी फार्मूले को उजागर कर रहे थे ?

शुजात बुखारी ने कभी किसी ‘मीडिल पाथ‘ या राष्ट्र विरोधी प्लेटफार्म का इस्तेमाल नहीं किया... प्रधानमंत्री और मीडिया देश को इस ‘मीडिल पाथ‘ का अर्थ समझाएं...

पीएमओ में तैनात मंत्री शुजात बुखारी को श्रद्धांजलि दे रहे थे या यहूदी डिक्सन प्लान के भारत विरोधी फार्मूले को उजागर कर रहे थे ?

शुजात बुखारी ने कभी किसी मीडिल पाथया राष्ट्र विरोधी प्लेटफार्म का इस्तेमाल नहीं किया

प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री से मीडिल पाथका प्रश्न उजागर करने पर एक बड़ा सवाल

       नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो. भीमसिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री डा. जीतेन्द्र सिंह के उस वक्तव्य पर गहरा आश्चर्य प्रकट किया, जिसमें उन्होंने कश्मीर में दिये अपने एक टेलीवीजन इंटरव्यू में कहा था कि उग्रवादियों द्वारा मारे गये ‘राइजिग कश्मीर‘ के सम्पादक श्री शुजात बुखारी जम्मू-कश्मीर पर ‘मीडिल पाथ‘ के सिद्धांत को मानते थे और उनके अनुसार यही कारण था उनकी हत्या का। मंत्री महोदय के अनुसार श्री शुजात बुखारी भी ‘मीडिल पाथ‘ के समर्थक थे और यही कारण था कि उग्रवादियों द्वारा उनकी पिछले दिन हत्या कर दी गयी थी।

प्रो.भीमसिंह ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री जो प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष भूमिका निभाते हैं, उन्हें ऐसा वक्तव्य देना उचित नहीं था। ‘मीडिल पाथ‘ शब्द स्व. शुजात बुखारी के लिए प्रयोग करना अनुचित है, क्योंकि ‘मीडिल पाथ‘ का फार्मूला 1950 में ऑस्ट्रेलियाई उच्च न्यायालय के यहूदी न्यायाधीश जस्टिस सर ओवन डिक्सन ने चलाया था।

सर ओवेन डिक्सन फॉर्मूला जम्मू प्रांत में हिंदू बहुसंख्यक जिलों को भारत के साथ जोड़ने का फार्मूला था तथा जम्मू प्रांत के मुस्लिम बहुमत वाले जिलों को कश्मीर घाटी के साथ जोड़कर एक नया इस्लामिक रिपब्लिक बनाना था। ब्रिटेन और अमेरिका ने इसी फार्मूले को ‘मीडिल पाथ‘ का नाम दिया था। क्या केन्द्रीय मंत्री श्री शुजात बुखारी को श्रद्धांजलि दे रहे थे या डिक्सन प्लान के भारत विरोधी फार्मूले को उजागर कर रहे थे।

प्रधानमंत्री और मीडिया देश को इस मीडिल पाथका अर्थ समझाएं

उन्होंने प्रधानमंत्री और मीडिया से देश को इस ‘मीडिल पाथ‘ के अर्थ को जानने का आग्रह किया, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय में केन्द्रीय मंत्री ने अपने मीडिया साक्षात्कार के दौरान इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि शुजात बुखारी को वे उनके छात्र जीवन से जानते थे, जब वे एक पत्रकार एवं सम्पादक थे। उन्होंने कभी किसी ‘मीडिल पाथ‘ या राष्ट्र विरोधी प्लेटफार्म का इस्तेमाल नहीं किया। उनके साथ ‘मीडिल पाथ‘ शब्द का इस्तेमाल करना अनुचित है।  

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।