राज्य में शांति बहाली के लिए हुर्रियत नेताओं सहित जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करें मोदी - भीम सिंह

राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, नागरिक मारे जा रहे हैं, बैंकों और प्राइवेट संपत्ति को लूटा जा रहा है, स्कूल और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बर्बाद हैं और हर तरफ अराजकता का माहौल है, जो राज्य प्रश...

नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह ने, जो मोदी सरकार पहले राष्ट्रीय एकता परिषद के सदस्य थे, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर जोर दिया है कि वे लम्बे समय से जल रहे जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रतिनिधियों समेत राज्य के सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करें।

प्रो.भीमसिहं ने कहा कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, नागरिक मारे जा रहे हैं, बैंकों और प्राइवेट संपत्ति को लूटा जा रहा है, स्कूल और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बर्बाद हैं और हर तरफ अराजकता का माहौल है, जो राज्य प्रशासन के हर स्तर पर विफल होने का सबूत है।

उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री से पुरजोर अपील की कि वे जम्मू-कश्मीर की सभी मान्यताप्रापत राजनीतिक दलों के पांच-पांच प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाएं, हालांकि हुर्रियत कांफ्रेंस मान्यताप्राप्त राजनीतिक दल नहीं है, इसके बावजूद भी उसकी बात भी सुनी जानी चाहिए, जिससे राज्य में शांति बहाली में उसके समर्थन को सुनिश्चित किया जा सके।

पैंथर्स सुप्रीमों ने राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व से जम्मू-कश्मीर की वर्तमान सरकार को बर्खास्त करके राज्यपाल शासन लगाने की अपील की, जिसका जम्मू-कश्मीर के संविधान में प्रावधान है (ज्ञातव्य है कि जम्मू-कश्मीर का संविधान अलग है)। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति एकता, अखंडता और जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री किसी भी अन्य मामले में व्यस्त हैं तो वे अपने एक या दो वरिष्ठ मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं, जो हुर्रियत कांफ्रेंस सहित सभी राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करें।

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि लद्दाख, कश्मीर और जम्मू के लोगों समेत सभी लोग उनकी तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को बर्खास्त करके राज्यपाल शासन लगाया जाए, जिसका प्रावधान जम्मू-कश्मीर संविधान और भारतीय संविधान है।

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