राहुल गांधी का 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा का ‘‘100 फीसदी’’ समर्थन

राहुल गांधी का 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा का ‘‘100 फीसदी’’ समर्थन...

राहुल गांधी का 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा का ‘‘100 फीसदी’’ समर्थन

नई दिल्ली, 25 अगस्त। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी जनसंहार को ‘‘बेहद दुखद त्रासदी’’ बताते हुए कहा है कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने का ‘‘100 फीसदी’’ समर्थन करते हैं।

ब्रिटेन की दो दिवसीय यात्रा पर आए गांधी ने ब्रिटेन के सांसदों और स्थानीय नेताओं की सभा में कल कहा कि यह घटना त्रासदी थी और बहुत दुखद अनुभव था, लेकिन उन्होंने इस बात से असहमति जताई कि इसमें कांग्रेस ‘‘शामिल’’ थी. 

श्री गांधी ने कहा,

‘‘मुझे लगता है कि किसी के भी खिलाफ कोई भी हिंसा गलत है. भारत में कानूनी प्रक्रिया चल रही है लेकिन जहां तक मैं मानता हूं उस समय कुछ भी गलत किया गया तो उसे सजा मिलनी चाहिए और मैं इसका 100 फीसदी समर्थन करता हूं।’’

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,

‘‘मेरे मन में उसके बारे में कोई भ्रम नहीं है। यह एक त्रासदी थी, यह एक दुखद अनुभव था। आप कहते हैं कि उसमें कांग्रेस पार्टी शामिल थी, मैं इससे सहमति नहीं रखता। निश्चित तौर पर हिंसा हुई थी, निश्चित तौर पर वह त्रासदी थी।’’

  

बाद में प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में एक सत्र के दौरान जब उनसे सिख विरोधी दंगों के विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा,

‘‘जब मनमोहन सिंह ने कहा तो वह हम सभी के लिए बोले। जैसा मैंने पहले कहा था कि मैं हिंसा का पीड़ित हूं और मैं समझता हूं कि यह कैसा लगता है।’’

वर्ष 1991 में लिट्टे द्वारा उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए श्री गांधी ने कहा,

‘‘मैं इस धरती पर किसी के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा के विरुद्ध हूं।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हिंसा नहीं झेली है, उन्हें लगता है कि हिंसा वही है जो फिल्मों में देखते हैं।    

कांग्रेस नेता ने कहा,

‘‘ऐसा नहीं है। मैंने उन लोगों को मरते देखा है जिन्हें मैं बहुत प्यार करता था। मैंने उस व्यक्ति (प्रभाकरन) को भी मरते देखा जिसने मेरे पिता को मारा था।’’ 

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