राहुल गांधी के इन हमलों का मोदी के पास जवाब नहीं

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर गुजरात की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल के ताजा हमले का तोड़ अभी तक नरेंद्र मोदी की टीम खोज नहीं पाई है।...

हाइलाइट्स

गुजरात की आवाज़ को न दबाया जा सकता है, न खरीदा जा सकता है। गुजरात अनमोल है, उसे कभी ख़रीदा नहीं गया. उसे कभी ख़रीदा नहीं जा सकता, उसे कभी ख़रीदा नहीं जाएगा। गांधी जी की आवाज को भी अंग्रेज़ों ने दबाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने सुपरपावर को भगा दिया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर गुजरातकीधरती सेप्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल के ताजा हमले का तोड़ अभी तक नरेंद्र मोदी की टीम खोज नहीं पाई है।

श्री गांधी ने आज गुजरात की राजधानी गांधीनगर के रामकथा मैदान में आयोजित एक रैली में कहा कि जीएसटी कांग्रेस पार्टी की है। पार्टी इसे पूरे देश में एक कर की संकल्पना के तहत लायी। इसे सरल रखना चाहती थी। 18 प्रतिशत की सीमा में। पर इनकी जो जीएसटी है वह जीएसटी नहीं बल्कि जीएसटी यानी गब्बर सिंह टैक्स है। इससे देश को नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी जी ने देश पर पहले ही नोटबंदी की कुल्हाडी चला कर अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया था और दूसरी कुल्हाडी जीएसटी की चला दी। हमने उन्हें इसे सरल रखने की गुजारिश की थी और इसे धीरे से लागू करने को कहा था। मै अब भी कह रहा हूं 28 प्रतिशत की सीमा, महीने में तीन फार्म भरने वाली इस जीएसटी को बदलना पडेगा। इसे सरल बनाना पडेगा। यह करना ही पडेगा नहीं तो देश को जबरदस्त नुकसान होगा।

अपने संबोधन की शुरूआत राहुल गांधी ने जय माता जी जय सरदार और जय भीम के नारे के साथ की। ये तीनों नारे गुजरात में ओबीसी, पाटीदार और दलित समुदाय के हैं। कांग्रेस ने ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को आज विधिवत इसी रैली में पार्टी में शामिल किया जबकि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को निमंत्रण दिया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि आज गुजरात में हर जाति और समाज आंदोलन कर रहा है और ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य में पिछले 22 साल के भाजपा शासन में जनता की सरकार नहीं बल्कि पांच दस उद्योगपतियों की ही सरकार चली है। इसीलिए आज पूरा गुजरात सडकों पर उतर गया है।

बेरोजगारी को लेकर राहुल ने मोदी सरकार पर अपने आरोप दोहराये और कहा कि हार्दिक और जिग्नेश समेत राज्य के करोडों युवा हर समाज में हैं जो शांत नहीं रह सकते क्योंकि मोदी जी ने इन्हें बहुत तंग किया है।

पाटीदार आंदोलन के नेता नरेन्द्र पटेल की ओर से भाजपा पर एक करोड रूपये देने का आरोप लगाये जाने की घटना का परोक्ष जिक्र करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘ हार्दिक हैं जिग्नेश हैं वो भी शांत नहीं हो सकते उनके दिल में भी एक आवाज है। वह सिर्फ युवाओं में नहीं हर गुजराती के दिल में है। यह गुजराती आवाज कोई मामूली आवाज नहीं। इस आवाज को न दबाया जा सकता है ना खरीदा जा सकता है। जितना भी पैसा लगायें, एक करोड़ दस करोड़ हजार करोड़ हिन्दुस्तान का पूरा बजट लगा दो, दुनिया का पूरा पैसा लगा दो गुजरात की आवाज को दबा नहीं पाओगे, खरीद नहीं पाओगे। उन्होंने कहा मोदी अब इतना डर गये हैं कि अब गुजरात की आवाज को खरीदना चाहते हैं। मोदी जी इसकी कोई कीमत नहीं और आप इसको खरीद नहीं सकते।’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के मामले को एक बार फिर उठाते हुए उन्होंने कहा न खाऊंगा ना खाने दूंगा की बात करने वाले मोदी जी ने लगता है अब खाना शुरू कर दिया। वह गुजरात के दौरों पर लंबे भाषण देते हैं पर 2014 में कुछ ही माह में 50 हजार से 16 हजार गुना यानी 80 करोड तक कमायी बढाने वाली अमित शाह के बेटे की कंपनी के बारे में कुछ नहीं कहते। उनका मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया फेल हो गया पर जय शाह की कंपनी आसमान में रॉकेट की तरह उठ गयी।

राहुल के आज के ताजा वार

गुजरात में हर 24 घंटे में 30,000 लोग रोज़गार तलाशने निकलते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ 400 लोगों को रोज़गार देती है।

गुजरात की आवाज़ को न दबाया जा सकता है, न खरीदा जा सकता है। गुजरात अनमोल है, उसे कभी ख़रीदा नहीं गया. उसे कभी ख़रीदा नहीं जा सकता, उसे कभी ख़रीदा नहीं जाएगा। गांधी जी की आवाज को भी अंग्रेज़ों ने दबाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने सुपरपावर को भगा दिया।

नरेंद्र मोदी जी 'मन की बात' कहते हैं, लेकिन मैं मोदी जी से गुजरात के 'दिल की बात' कहना चाहता हूं - गुजरात के युवा शिक्षा चाहते हैं, लेकिन गुजरात के विश्वविद्यालय उद्योगपतियों के हाथों सौंप दिए गए हैं. इसके अलावा टाटा को नैनो कार के लिए 35,000 करोड़ रुपये दिए गए, जिनसे किसानों का कर्ज़ माफ हो सकता था. अब मोदी जी बताएं, उन पैसों से कितनी नैनो कारें बनीं।

PM नरेंद्र मोदी ने BJP प्रमुख अमित शाह के बेटे के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला, जबकि वह कहते थे - न खाऊंगा, न खाने दूंगा - लेकिन अब तो उन्होंने खिलाना शुरू कर दिया।

नरेंद्र मोदी सरकार का जीएसटी दरअसल जीएसटी नहीं, 'गब्बर सिंह टैक्स' है। मोदी जी ने पूरे देश की इकोनॉमी को चौपट कर दिया है।


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