सरकारी धन से "वसुंधरा" के "गौरव" पर अदालत का हथौड़ा

राजस्थान उच्च न्यायालय ने वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान सरकारी कार्यक्रम पर लगाई रोक...

सरकारी धन से वसुंधरा के गौरव पर अदालत का हथौड़ा

राजस्थान उच्च न्यायालय ने वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान सरकारी कार्यक्रम पर लगाई रोक

जयपुर, 05 सितंबर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को झटका देते हुये मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के साथ किसी भी प्रकार के सरकारी कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति जी आर मूलचंदानी ने आज यह फैसला देते हुये गौरव यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के सरकारी कार्यक्रम पर पाबंदी लगा दी है।

न्यायालय ने अधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा और सवाई सिंह द्वारा गौरव यात्रा के दौरान सरकारी धन के दुरूपयोग और कार्यक्रमों की आड़ में सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाने तथा सरकारी कर्मचारियों को लगाने पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।

इस मामले में मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदाजोग और जी आर मूलचंदानी की खंडपीठ ने पहले ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सरकारी धन के दुरूपयोग का था आरोप

याचिकाकर्ताओं यात्रा के दौरान सरकारी धन के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुये कहा था कि मामला न्यायालय में आने के बावजूद सरकारी धन का दुरूपयोग जारी है। अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी के नाम पर सरकारी कर्मचारियों को लगाया जा रहा है।

याचिकाकर्ता सवाईसिंह की ओर से अधिवक्ता जी एस बापना ने कहा कि गौरव यात्रा के दौरान जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की ड्युटी मुख्यमंत्री की आमसभा को कवरेज करने के लिये लगायी जा रही है।

No State Sponsored Functions Should Be Held During Vasundhara Raje’s Gaurav Yatra: Rajasthan High Court 


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