पासवान का साफ ऐलान - एससी/एसटी एक्ट का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिए जितनी बार संशोधन लाना होगा, सरकार लायेगी

पासवान का साफ ऐलान - एससी/एसटी एक्ट का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिए जितनी बार संशोधन लाना होगा, सरकार लायेगी...

पासवान का साफ ऐलान - एससी/एसटी एक्ट का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिए जितनी बार संशोधन लाना होगा, सरकार लायेगी

नई दिल्ली, 28 अगस्त। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने साफ ऐलान किया है कि एससी/एसटी एक्ट का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिए जितनी बार संशोधन लाना होगा, सरकार लायेगी।

सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में श्री पासवान ने दलितों एवं वंचितों के हितों की रक्षा को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून का मूल स्वरूप बरकरार रखने के लिए जितनी बार संशोधन लाना होगा, सरकार लायेगी।

संवाददाताओं से बातचीत में श्री पासवान ने कहा कि सरकार ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण संशोधन कानून लाकर, पदोन्नति में आरक्षण जारी रखने को लेकर उच्चतम न्यायालय में अपना रुख स्पष्ट करके तथा संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर से जुड़े स्थलों को स्मारक में तब्दील करके उन विपक्षी पार्टियों की बोलती बंद कर दी है, जो सरकार को दलित विरोधी करार देने पर तुले हुए थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के उपरोक्त कार्यों से उसके दलित-विरोधी होने की अवधारणा समाप्त हो चुकी है।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।