यदि राहुल पीएम होते तो नोटबंदी की फाइल डस्टबिन में फेंक देते

“यदि मैं प्रधानमंत्री होता और कोई मुझे नोटबंदी लिखी हुई फाइल देता तो मैं उसे उठाकर डस्टबिन में फेंक देता,क्योंकि मुझे लगता है कि नोटबंदी के साथ ऐसा ही किए जाने की जरुरत है।”...

नई दिल्ली, 10 मार्च। कथिततौर पर काला धन बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई तुगलकी नोटबंदी की देश में लगातार आलोचना करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब विदेश में भी नोटबंदी के खिलाफ सुर उठायाहै। उन्होंने कहा है यदि वह प्रधानमंत्री होते तो वह नोटबंदी की फाइल डस्टबिन में फेंक देते।

श्री गांधी इस समय विदेश यात्रा पर हैं। सिंगापुर के बाद मलेशिया पहुंचे श्री गांधी से एक कार्यक्रम के दौरान सवाल किया गया कि वह प्रधानमंत्री होते तो नोटबंदी को किस तरह लागू करते, इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब दिया

“यदि मैं प्रधानमंत्री होता और कोई मुझे नोटबंदी लिखी हुई फाइल देता तो मैं उसे उठाकर डस्टबिन में फेंक देता,क्योंकि मुझे लगता है कि नोटबंदी के साथ ऐसा ही किए जाने की जरुरत है।”

गौरतलब है कि श्री मोदी ने काला धन बाहर निकालने के लिए आठ नवंबर 2016 की मध्यरात्रि से बैंकिंग तंत्र में उपलब्ध 500 और एक हजार रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद पांच सौ रुपए का नया नोट लाया गया था। एक हजार रुपए का नोट बंद कर दिया गया और प्रचलन में दो हजार रुपए का नोट लाया गया। विपक्ष के नोटबंदी के विरोध के बावजूद श्री मोदी अपने फैसले को सही ठहराते रहे और कई विधानसभा चुनाव में इसका जमकर जिक्र भी किया।

कांग्रेस ने इस कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है जिसमें श्री गांधी से एक व्यक्ति नोटबंदी से संबंधित सवाल पूछ रहा है और वह उसका उत्तर दे रहे हैं।

बता दें कि राहुल गांधी ने नोटबंदी का घोर विरोध किया था और उस समय वह एक बार पुराने नोट बदलवाने के लिए लाइन में भी लगे थे। कांग्रेस ने तो नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर पिछले साल देश भर में इस दिन को “काला दिवस” के रुप में मनाया था।

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