आरएसएस के इशारे पर हो रहा है आदिवासियों का उत्पीड़न, भारत बंद को स्वराज अभियान का समर्थन

सहमना दलों, संगठनों व नागरिकों के साथ मिलकर चलेगा प्रतिकार अभियान...

आरएसएस के इशारे पर हो रहा है आदिवासियों का उत्पीड़न, भारत बंद को स्वराज अभियान का समर्थन

सहमना दलों, संगठनों व नागरिकों के साथ मिलकर चलेगा प्रतिकार अभियान

सोनभद्र, 9 सितम्बर 2018, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर जनपद का जिला प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधियों, राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासियों का उत्पीड़न कर रहा है। इसी के तहत एफआईआर में नाम न होने के बाद भी लिलासी काण्ड में स्वराज अभियान के नेताओं को फंसाया गया, वायदा करने के बावजूद लिलासी प्रकरण की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच तक नहीं करायी गयी, विधि के विरूद्ध मुरता के निर्वाचित प्रधान आदिवासी नेता डा0 चंद्रदेव गोंड़ को प्रधान का चार्ज नहीं दिया जा रहा है, जिला प्रशासन से बात करने पर अभद्र व्यवहार किया गया और गुण्ड़ा एक्ट लगाने की धमकी दी गयी। इतना ही नहीं मुरता प्रधान के विरूद्ध जांच करायी जा रही है जिसमें उनके नाबालिग लड़के को भी उपस्थित रहने का आदेश खुद डीएम ने दिए है। पूरे जिले में निर्वाचित प्रधानों को निशाना बनाकर उनकी विभिन्न तरीके से जांच करायी जा रही है और राजनीतिक मतभेदों पर फर्जी मुकदमें लगाएं जा रहे है और दमन ढाया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस द्वारा किए जा रहे इस दमन के खिलाफ लोकतंत्र की रक्षा, कानून के राज और आदिवासियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान के लिए दमन प्रतिकार अभियान जिले में बड़े पैमाने पर चलेगा। इस अभियान में सहमना दलों, व्यक्तियों और संगठनों को साथ लिया जायेगा।

यह निर्णय स्वराज अभियान की जिला ईकाई की राबर्ट्सगंज में हुई बैठक में लिया गया।

महंगाई के खिलाफ भारत बंद का किया समर्थन

बैठक में महंगाई, राफेल घोटाले और भ्रष्टाचार के सवाल पर कल आयोजित भारत बंद का समर्थन करते हुए इसमें शामिल होने का भी निर्णय लिया गया। 
बैठक में लिए राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर पर संघ की अपने राजनीतिक विरोधियों को दमन और उत्पीड़न के जरिए चुप्प करा देने की योजना का हिस्सा सोनभद्र में जारी उत्पीड़न है। यहां जिला प्रशासन पूरे तौर पर संघ के एजेन्ट के बतौर काम कर रहा है। जिलाधिकारी घण्टों अपने कार्यालय में आरएसएस नेतृत्व के साथ बैठके करते हैं और अन्य दलों के राजनीतिक प्रतिनिधियों को धण्टों इंतजार कराया जाता है। यहां के लोगों की जिदंगी के लिए जरूरी विकास मदों की लूट, वनाधिकार, रोजगार, खनन में जारी सीड़ीकेट की वीआईपी लूट, कोल को आदिवासी का दर्जा, आदिवासियों के लिए लोकसभा सीट, पर्यावरण की रक्षा जैसे तमाम सवालों पर आवाज न उठे इसलिए सचेत ढ़ग से आरएसएस के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा दमन अभियान चलाया जा रहा है। राजनीतिक विरोधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिसिया दमन और फर्जी मुकदमों से दबाया जा रहा है और निर्वाचित प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को आए दिन अपमानित किया जा रहा है। इसके विरूद्ध लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रशासन पुलिस दमन प्रतिकार अभियान चलाया जायेगा। 
बैठक की अध्यक्षता आदिवासी वनवासी महासभा के नेता डा0 चंद्रदेव गोंड़ ने की ओर संचालन कृपाशंकर पनिका ने किया।

बैठक में स्वराज अभियान की राज्य समिति सदस्य दिनकर कपूर, राहुल कुमार, ओ0 पी0 सिंह, पूर्व सभासद का0 मारी, श्रीकांत सिंह, छेदीलाल राजभर, मंगरू प्रसाद गोंड़, रमेश सिंह खरवार, केशनाथ कुशवाहा, महेन्द्र प्रताप सिंह, श्याम सुदंर खरवार, मोहन प्रसाद, राम दुलारे प्रजापति, इंद्रदेव खरवार, मनोहर प्रसाद गोंड़, रामेश्वर प्रसाद, रामनारायन, तेजधारी गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे। 

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