बदायूँ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : कैसे होगा यहाँ महागठबंधन ? सोशल मीडिया पर भिड़ गए धर्मेन्द्र यादव और सलीम शेरवानी के समर्थक

संभावित गठबंधन को लेकर अभी से सांसद धर्मेन्द्र यादव और Ex MP शेरवानी के समर्थकों के बीच जुबानी मल्ल युद्धशुरू हो गया है। चर्चा शुरू हो गई है कि धर्मेन्द्र अब नए ठिकाने की तलाश में भी जुट गए हैं...

बदायूँ। आगामी लेकसभा चुनाव में एक ओर जहाँ उत्तर प्रदेश में काँग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच महगठबंधन को लेकर कयासों का दौर जारी है, तो बदायूँ ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहाँ इस संभावित गठबंधन को लेकर अभी से वर्तमान सांसद धर्मेन्द्र यादव और पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी के समर्थकों के बीच जुबानी मल्ल युद्धशुरू हो गया है। इसी के साथ चर्चा शुरू हो गई है कि सांसद धर्मेन्द्र यादव अब नए ठिकाने की तलाश में भी जुट गए हैं, क्योंकि सैफई राजवंश में भी अब उनकी पकड़ कुछ कमजोर हो रही है ।

बता दें धर्मेन्द्र यादव दूसरी बार बदायूँ से सपा के टिकट पर चुने गए हैं, जबकि सलीम इकबाल शेरवानी 1996 से 2009 तक सपा के टिकट पर बदायूँ से चुने जा चुके हैं। 2009 में जब सपा ने बदायूँ से सलीम इकबाल शेरवानी का टिकट काटकर धर्मेन्द्र यादव को मैदान में उतारा तो शेरवानी ने बगावत कर दी और पूरे लोकसभा क्षेत्र में उस समय शेरवानी समर्थकों ने मुलायम सिंह यादव के पुतले जलाए थे। सलीम शेरवानी इस चुनाव में कांग्रेस से लड़ गए और बहुत कम अंतर से चुनाव हारे। कहा जाता है कि इस चुनाव में भाजपा ने धर्मेंद्र यादव का अंदरूनी समर्थन किया था।

कहा जाता है कि सलीम शेरवानी का टिकट कटवाने में तत्कालीन सपा जिला अध्यक्ष बनवारी सिंह यादव की बड़ी भूमिका थी। हालांकि बाद में बनवारी सिंह के धर्मेन्द्र यादव से भी संबंध अच्छे नहीं रहे। और चर्चा है कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले मुलायम सिंह यादव के सामने ही दोनों में तल्खी से बात हुई थी और धर्मेन्द्र यादव ने यहाँ तक कह दिया था कि अगर आपकी इच्छा न हो तो मैं बदायूँ छोड़ दूँ। लेकिन तब दोनों में मुलायम सिंह यादव ने समझौता करा दिया था।

चर्चा यह भी है कि बनवारी सिंह को सबक सिखाने के लिए ही धर्मेन्द्र यादव ने उन्हें मंत्री नहीं बनने दिया और उनके समधी ओमकार सिंह यादव को मंत्री बनवा दिया। चर्चा है कि बनवारी सिंह यादव, जो कभी मिनी मुख्यमंत्री कहे जाते थे, अपने आखिरी दिनों में यह सदमा झेल नहीं सके।

अब राजनीति एक बार करवट बदल रही है और सलीम शेरवानी और धर्मेन्द्र यादव के समर्थक सोशल मीडिया पर मल्ल युद्ध कर रहे हैं। पत्रकार फूल खान ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली जिस परयह मल्ल युद्ध शुरू हुआ। आप भी पढ़ें फूल खान की पोस्ट और उस पर आए कुछ कमेंट्स –

Phool Khan · 

यह दो चेहरे हैं एक सलीम शेरवानी जिन्होंने 5 बार बदायूँ लोकसभा सीट जीतकर यहां की नुमाइन्दगी की दुसरे धर्मेंद्र यादव हैं जो बदायूँ से सांसद की दुसरी पारी खेल रहें हैं अब लोकसभा का चुनाव करीब है बदायूँ लोकसभा की जनता से यह सवाल है कि अगर दोनो इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो वोट का सही हकदार कौन है ? जवाब जुरूर दें ! क्यूँ कि सलीम शेरवानी के बदायूँ सीट से लडने का एलान गुन्नोर से शेरवानी की एक सभा मे किया गया है !

Mohd Irshad Bhai bjp hate ya na hate par ye Dharmindar shing yaha se na hate...
Bjp hamri dusman h..
To ye sherwani gaddar..

Khysal Uddin Phool bhai aap batao
Dharmendar Yadav ke elawa ko nahi ho sakta

Khysal Uddin Muslim kab tak befkoof banega 
Sherwani saheb ko samaj ku nahi aata business kare politics chode

Imran Ansari Dharmendra yadav

Arslan Ansari Vikas pe vote do jativaadi pe nhi

Mohd Akram HussainSaleem.i.shervaani.ne.budaun.ki.janta.ke.golden.25.saal.barbaad.kiye.hain.saahib.

Babbu Qadri बहुत काम किया है मौजूदा सासद का हमे जी लेने दो स प हमारी है

Parvez Ansari Only dharmendra yadav

Faizan Khan Budaun only dhermeder yadav sansad

Fakhru Uddin Only darmendra yadav

Fakhru Uddin Kam Bolta h

Muzammil Khan Dhanmendr Yadav

Parvez Ansari Budaun ki janta ko chahye wikas or jo wikas de saqta h woh dharmendr ysdav

Waseem Ahmad Ansari धर्मेन्द्र यादव बदायूं से और शेरवानी सहाब आंवले से गठबंधन के उम्मीदवार

Naqvi Naqvi ho sakta hai iska ulta ho jaaye ....siyasat mein kuch nhi kaha jaa sakta hai...............d yadav Aola and sherwaani badaun

Altamash Arif क्या कांग्रेस और सपा का गठबंधन नहीं हो सकता यूपी में यह भी तो अभी तक क्लियर नहीं हुआ है किस पार्टी से लड़ेंगे सलीम इकबाल शेरवानी और धर्मेंद्र यादव

Shoaib Naqvi समाजवादी पार्टी से माननीय सांसद धर्मेंद्र यादव जी ही प्रत्याशी हैं इसमे कोई दूर दूर तक संदेह नही है।

Altamash Arif He mai bhi man raha hon agar gathvandhan hua to seat congress ko milegi ya S P ko Budaun loksabha

ज़ाहिर भईयेमेंबर भईये मेंबर लोकसभा चुनाव 2019 : बदायूॅ लोकसभा चुनाव , कही ऐसा न हो इन दोनो नेताओ की लड़ाई मे कोई तीसरा हाथ मार के न ले जाये।यानि भाजपा

Hilal Khan Congress aur sp ka alliance hey bhai muqabla hoga he nhi

Shimmu Khan Main sherwani sahab k saath hoon tan man dhan se

Shan Khan और भी चीजें हैं आप बताइए सलीम शेरवानी साहब के दौर में बदायूं के सभी वर्गों मे भाईचारा और प्रेम रहा है जिसको मौजूदा प्रतिनिधि ने अपनी सीट के बदले बीजेपी को पांच सीटे दी है गुन्नोर जेसी विधानसभा में अपनी सीट बीजेपी को दी है और अगर थाने पुलिस मे देखो आज के हालात पता चलेगा कि माननीय सलीम इक़बाल शेरवानी साहब ने बदायूं को क्या दिया पुलिस भर्ती मे मुलायम सिंह यादव जी उस वक्त की सरकार से बदायूं के सभी वर्गों मे भाईचारा और प्रेम के साथ नौकरियों में हिस्सा दिलाया तमाम रोजगार देने के अलावा 25 साल मे बीजेपी जैसे संगठन को पनपने नहीं दिया। आज जिसको विकास पुरुष का खिताब दे रहे आप लोग जिस दिन असलियत को जानोगो तो रोया करोगे याद करके। दूसरी बात शेरवानी साहब नये मालदार नही है कारोबार करते हैं लेकिन एजेन्ट नही है लोगों को सड़क से आसमान तक पहुंचा दिया जो आज भूल गए हैं। मे समझता हूँ की सपा बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है। ।

Nurussubah Naqvi Bahut sahi likhaaa hai shaan khan aapnay ....

Mohd Wasim Mansuri Sherwani sahab ko rajniti chhote deni chhiye

Mohd Wasim Mansuri sherwani sahab kabhi nahi jeet sakte dharmendra yadav ji ke samne

Piyush Ranjan Yadav धर्म निरपेक्षता, साम्प्रदायिक सद्भाव, के लिये कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ कांग्रेस ही विकल्प है। अगर देश की जनता ने इस बार चुनने में भूल की तो यह बहुत तकलीफ देह होगा। क्षेत्रीय, जातिवादी दल साम्प्रदायिक ताकतों के विकल्प नहीं हो सकते।

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