हमारे पत्रकार चुनाव के नतीजे आने से पहले प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा क्यों कर देना चाहते हैं

पत्रकारिता के स्तर में निश्चित ही क्षरण हो रहा है। अपने लोकतंत्र को राष्ट्रपतीय प्रणाली में बदल देने की कोई योजना तो नहीं चल रही है? अगर ऐसा है तो पत्रकार का धर्म है तो उससे देश को आगाह करे।...

नई दिल्ली, 21 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप.कॉम के संरक्षक शेष नारायण सिंह Shesh Narain Singh ने शंका व्यक्त की है कि लोकतंत्र Democracy को राष्ट्रपतीय प्रणाली Presidential system में बदल देने की कोई योजना तो नहीं चल रही है?

श्री सिंह ने कहा कि संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री पद उसको मिलता है जो बहुमत दल का नेता होता है। लोकसभा के लिए चुने गए सदस्यों को यह अधिकार होता है कि वे अपना नेता चुनें और उसको प्रधानमंत्री बनाएं। मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि हमारे पत्रकार चुनाव के नतीजे आने से पहले प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा क्यों कर देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि नेताओं की तो मैं नहीं जानता, लेकिन पत्रकारिता के स्तर में निश्चित ही क्षरण हो रहा है। अपने लोकतंत्र को राष्ट्रपतीय प्रणाली में बदल देने की कोई योजना तो नहीं चल रही है? अगर ऐसा है तो पत्रकार का धर्म है तो उससे देश को आगाह करे।

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