भाजपा बताए आरएसएस या हिंदू महासभा ने आज़ादी की लड़ाई में कब अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तिरंगा झंडा उठाया था- शिवानन्द तिवारी

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी से सवाल किया है कि वह बताए कि  आज़ादी की लड़ाई में आरएसएस या हिंदू महासभा ने कब अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तिरंगा झंडा उठाया थ...

भाजपा बताए आरएसएस या हिंदू महासभा ने आज़ादी की लड़ाई में कब अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तिरंगा झंडा उठाया था- शिवानन्द तिवारी

नई दिल्ली, 15 अगस्त। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी से सवाल किया है कि वह बताए कि  आज़ादी की लड़ाई में आरएसएस या हिंदू महासभा ने कब अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तिरंगा झंडा उठाया था।

श्री तिवारी ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपनी दो साल पुरानी पोस्ट शयर करते हुए लिखा,

“भाजपा देश भर में तिरंगा यात्रा का कार्यक्रम चला रही है। लेकिन इसके पहले इनको बताना चाहिए कि आज़ादी की लड़ाई में कब आरएसएस या हिंदू महासभा ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ तिरंगा झंडा उठाया था। 1942 के अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन के दरम्यान, भयंकर दमन हुआ। सैकड़ों जगह गोली चली। हज़ारों मारे गये। जिनमें हिंदू-मुसलमान दोनों थे। लेकिन उस समय भगवाधारी अंग्रेज़ों के साथ खड़े थे। क्या इस अपराध के लिए इन्हें देश से माफ़ी नहीं माँगनी चाहिए।

इतिहास में दर्ज है कि दिसंबर 1929 में कांग्रेस के लाहौर सम्मेलन में गांधी जी के नेतृत्व में तिरंगा को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया गया था। उस समय आह्वान किया गया कि हर साल जनवरी 26 को सार्वजनिक जगहों पर तिरंगा लहराया जाय। लेकिन सच्चाई यह है कि संघ और सावरकर की नेतृत्व वाली हिंदू महासभा ने तिरंगा को राष्ट्रीय ध्वज मानने से ही इंकार कर दिया था। इनका मानना था कि देश का असली दुश्मन अंग्रेज़ नहीं बल्कि मुसलमान हैं

इनका तो मानना रहा है कि भगवा झंडा ही हिंदुओं का प्रतीक है। और चूँकि यह देश हिंदुओं का है, इसलिए यहाँ हिंदुओं का ही झंडा लहराया जाना चाहिए।“

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