आरएसएस के निशाने पर आदिवासी व वनाश्रित, सपा-बसपा की राजनीति बांझ है

सपा-बसपा की राजनीति संघ द्वारा चलाए दमन अभियान का मुकाबला नहीं कर सकती है।...

आरएसएस के निशाने पर आदिवासी व वनाश्रित, सपा-बसपा की राजनीति बांझ है

सपा-बसपा की राजनीति संघ द्वारा चलाए दमन अभियान का मुकाबला नहीं कर सकती है।

90 साल के पट्टाधारक आदिवासी बुजुर्ग के विरूद्ध दर्ज किया मुकदमा

म्योरपुर, सोनभद्र, 22 अक्टूबर 2018, आरएसएस के निशाने पर आदिवासी और वनाश्रित समाज है। उससे जुड़े वाइड़ लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया नाम के एनजीओं ने सुप्रीम कोर्ट में वनाधिकार कानून को खत्म करने के लिए रिट दाखिल की है और सुप्रीम कोर्ट से इस रिट में आदेश कराया है कि जिन लोगों का वनाधिकार में पट्टा निरस्त हुआ है उन्हें बेदखल कर जमीन वन विभाग में वापस की जाए। वनाधिकार में पट्टा देने में योगी सरकार ने तत्परता नहीं दिखाई पर इस आदेश को लागू कराने के लिए सरकार आदिवासियों व वनाश्रितों की बेदखली करा रही है। हद यह है कि गम्भीरपुर में 90 साल के बुजुर्ग आदिवासी वंशरूप पठारी के विरूद्ध वनाधिकार में पट्टा मिलने के बावजूद जमीन कब्जें का मुकदमा कायम करा दिया।

यह बातें आज संघ-प्रशासन के दमन के विरूद्ध प्रतिकार अभियान के तहत गम्भीरपुर पहुंचे पूर्व आई. जी. एस. आर. दारापुरी ने ग्रामीणों से कहीं।

आज स्वराज अभियान की टीम ने गम्भीरपुर, चंद्रभाननगर व बराईड़ाड में प्रशासन व वन विभाग के उत्पीड़न के शिकार हुए ग्रामीणों से मुलाकात की। टीम ने गम्भीरपुर में देखा कि हाईकोर्ट के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए वनाधिकार में कानून में पट्टा प्राप्त करने वाले आदिवासी और वनाधिकार कानून में दावा करने वाले वनाश्रितों पर उत्पीड़न की कार्यवाही करते हुए फर्जी मुकदमें कायम कर दिए गए है। वनाश्रित 70 वर्षीय धर्मजीत चमार, 65 वर्षीय तुलसीराम चमार, 58 वर्षीय हीरालाल, 60 वर्षीय लक्ष्मण धईकार, 75 वर्षीय जयकरन और 65 वर्षीय आदिवासी रामजीत पठारी समेत 13 ग्रामीणों पर वनभूमि पर कब्जे का मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि यह सभी लोग सौ वर्ष से भी ज्यादा समय से इन जमीनों पर काबिज है। चंद्रभान नगर में हवाई अड्डा में विस्थापित हो रहे ग्रामीणों ने टीम को बताया कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लेधन कर बेहद कम मुआवजा प्रशासन द्वारा दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने धमकी देकर और दबाब डालकर जबरन रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर कराए। यहां तक कि रात के अंधेरे में रजिस्ट्री करायी गयी है।

इस मौके पर मौजूद स्वराज अभियान के नेता दिनकर कपूर ने कहा कि आज सपा-बसपा की राजनीति बांझ हो चुकी है और आज यह जनता को कुछ नहीं दे सकती। यह राजनीति संघ द्वारा चलाए दमन अभियान का मुकाबला नहीं कर सकती है। इसलिए इस इलाके में जनता की मदद और सेवा की नई राजनीति की जरूरत है। यह लोकतांत्रिक राजनीति ही दुद्धी का विकास और शांति की गारंटी करेगी।

गांवों में हुई बैठकों में कृपाशंकर पनिका, गम्भीरपुर प्रधान विष कुमार, कुण्ड़ाडीह प्रधान बब्बन राम, इंद्रदेव खरवार, मंगरू प्रसाद श्याम, हीराल राम, शिवपूजन, राम सुदंर धईकार, गुलाम रसूल, लक्ष्मण धईकार आदि उपस्थित रहे।

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