जीवन के अधूरेपन को दूर करने का माध्यम है खेल : सिब्ते रजी

पहले विद्यालयों में खेल के मैदान हुआ करते थे और अब विद्यालयों को घेरकर जेल का स्वरूप दे दिया जाता है। यह माहौल बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास के लिए ठीक नहीं है।...

फाइनल मैच में शिया रेड के नाम रहा खिताब

विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ शियाड’ 2018 का समापन

लखनऊ। शिया पी.जी. कालेज में ‘शियाड’ खेल महोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न एथलेटिक्स एकल स्पर्धाओं के साथ कबड्डी बास्केट बाल और क्रिकेट में विजयी खिलाड़ियों को मेडल देकर पुरस्कृत किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि झारखण्ड और असम के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी साहब थे।

सैयद सिब्ते रजी ने बताया कि वह शिया कालेज से ही पढ़े हैं और जब भी यहां आते हैं तो 50 वर्ष पीछे की यादें ताजा हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन के अधूरेपन को दूर करने में खेल की बड़ी भूमिका होती है। खेल हमारे जीवन में जीत और हार के महत्व को समझाने का कार्य करता है, क्योंकि जीवन में यही दो पहलू हमेशा आते-जाते रहते हैं।

सैयद सिब्ते रजी ने विद्यालय परिसरों में मासूम बच्चों के बीच हिंसा की घटनाओं पर जाहिर करते हुए कहा कि पहले विद्यालयों में खेल के मैदान हुआ करते थे और अब विद्यालयों को घेरकर जेल का स्वरूप दे दिया जाता है। यह माहौल बच्चों के शैक्षिक और मानसिक विकास के लिए ठीक नहीं है। इसे अब बदलने की जरूरत है और बच्चों में शिक्षा के साथ खेल के विकास का समुचित ध्यान देने की आवश्यकता है।

बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष प्रो. अजीज हैदर साहब ने कहा कि पहले की कहावत ‘खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब’ अब बदल चुकी है। अब खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे नवाब की कहावत सही साबित हो रही है। खेल के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि खेल हमारे जीवन में अनुशासित रहकर जीवन जीने का पाठ है। इसे हर किसी को अपने जीवन में अपनाना चाहिये।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के कोआर्डिनेटर प्रो. नीरज जैन, लखनऊ विश्वविद्यालय एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता व सचिव आर.बी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) आर.के. चतुर्वेदी, बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के उपाध्यक्ष चौधरी शरीफुल हसन जैदी साहब, बोर्ड के सदस्य एस.एच.एस. तकवी साहब, मौलाना सायम मेंहदी, राजकुमार मोहम्मद अली खान साहब ऑफ महमूदाबाद, फरजान रिजवी साहब, मोजिज रिजवी साहब, महाविद्यालय के प्रबंधक अब्बास मुर्तजा शम्सी साहब, प्राचार्य डॉ. मोहम्मद मियां आदि ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए खेल के महत्व को समझाया। पूर्व राज्यपाल सै. सिब्ते रजी और आईजी आर.के. चतुर्वेदी को एनसीसी कैडटों ने गार्ड आॅफ आनर दिया।

खेल निदेशक डॉ. कुंवर जय सिंह ने बताया कि आज क्रिकेट के फाइनल में शिया रेड ने शिया ब्लू को 19 रनों से पराजित कर दिया। शिया रेड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। उसने निर्धारित 20 ओवरों में 155 रन बनाया, जिसमें विमल के 43, सफदर अब्बास के 20व कादरूल आब्दीन के 19 रन का विशेष योगदान रहा। जवाब में शिया रेड के कप्तान इंतखाब की (2 ओवर, 9 रन, 5 विकेट) की घातक गेंदबाजी के आगे शिया ब्लू 136 रन ही बना सकी। शिया रेड के विमल को 43 रन के साथ 2 विकेट लेने के योगदान के चलते उन्हें मैन आॅफ द मैच दिया गया।

समापन समारोह में एथलेटिक्स की 100, 200, 400, 800 मीटर की दौड़, लम्बी कूद, शाटपट, डिस्कस थ्रो, ट्रिपल जम्प की एकल स्पर्धाओं में प्रथम को गोल्ड, द्वितीय को सिल्वर एवं तृतीय को ब्रान्ज मेडल प्रदान किया गया। इसके अलावा कबड्डी, बास्केट बाल और क्रिकेट स्पर्धाओं में विजयी टीम और मैन ऑफ द मैच को मेडल देकर सम्मानित किया गया। क्रिकेट टुर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते शिया ब्लू के खिलाड़ी राज यादव को मैन आफ द सिरीज का खिताब दिया गया। नायाब अहमद को गोल्डन बाल का खिताब दिया गया। शियाड महोत्सव को सफल बनाने के लिए हसन अब्बास, इब्राहिम, इंतखाब आलम, नायाब, मानस मिश्रा, के.डी. शुक्ला, समर और उत्कर्ष आदि का विशेष योगदान रहा। खेल सहायक अजीत सिंह ने बताया कि पूरे महोत्सव में एनसीसी के कैडटों का वर्चस्व बना रहा। एनसीसी कैडटों ने सभी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।