समन्वित कार्ययोजना के अभाव में एक बार फिर दिल्ली भारी प्रदूषण की चपेट में

भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर आयोजित सम्मेलन में दिसंबर तक राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को लागू करने का वादा किया है।...

समन्वित कार्ययोजना के अभाव में एक बार फिर दिल्ली भारी प्रदूषण की चपेट में

Delhi faces huge pollution

नई दिल्ली, 08 नवंबर। "हर साल दिवाली के बाद प्रदूषण का विश्लेषण करना हमारी आदत में शुमार हो चुका है। हमें यह समझने की ज़रूरत है कि पटाके या फिर पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण pollution सिर्फ़ कुछ समय के लिए होता है, जबकि साल भर प्रदूषण के दूसरे स्रोत की वजह से दिल्ली की हवा Air of Delhi साँस लेने लायक नहीं रहती है।

ग्रीनपीस इंडिया के सीनियर कैंपेनर, सुनील दहिया कहते हैं कि

“सबसे बड़ी विडम्बना है कि हम प्रदूषण के सभी स्रोत चाहे वो कोयला पावर प्लांट हो, औद्योगिक और परिवहन से निकलने वाला प्रदूषण हो या फिर दिवाली और पराली जलाने से निकलने वाला प्रदूषण हो, इन सबसे निपटने के लिये एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करना अभी भी हमारे लिये एक बड़ी चुनौती है।“

 सुनील दहिया कहते हैं

“हम उम्मीद करते हैं कि सरकार ज्यादा जिम्मेदारीपूर्वक वायु प्रदूषण air pollution से निपटने की कोशिश करेगी और प्रदूषण के सभी स्रोतों से निपटने के लिये लोगों को विश्वास में लेगी तथा कठोर नियम और मानको को लागू करेगी।“

बता दें कि हाल ही में भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर आयोजित सम्मेलन में दिसंबर तक राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को लागू करने का वादा किया है।

सुनील कहते हैं

“अब हम लोग उम्मीद करते हैं कि इस कार्यक्रम में उत्सर्जन Emission को कम करने के लिये समय सीमा भी तय की जायेगी और तीन साल में 35 प्रतिशत और अगले पांच साल में 50 प्रतिशत वायु प्रदूषण को कम करने के लक्ष्य को शामिल किया जायेगा।"

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

वायु प्रदूषण, air pollution, उत्सर्जन, Emission, दिल्ली की हवा, Air of Delhi, Delhi faces huge pollution, दिवाली के बाद प्रदूषण, कोयला पावर प्लांट, ग्रीनपीस इंडिया, air pollution causes, reduce air pollution, burning of fossil fuels, Greenpeace India
 

 

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।
hastakshep
>