बलात्कार और हत्या के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना

उन्नाव में महिला के साथ बलात्कार और उसके पिता की हत्या के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जीपीओ गांधी प्रतिमा पर विभिन्न संगठनों का धरना...

उन्नाव में महिला के साथ बलात्कार और उसके पिता की हत्या के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जीपीओ गांधी प्रतिमा पर विभिन्न संगठनों का धरना

लखनऊ। उन्नाव में महिला के साथ बलात्कार और उसके पिता की हत्या के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा जीपीओ पर लखनऊ के कई महिला संगठनों एवं जनसंगठनों ने संयुक्त रूप से धरना दिया और मुख्यमंत्री को सम्बोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्नाव में नाबालिक लड़की से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह और अन्य के द्वारा गैंगरेप किया गया, जिसको लेकर 3 अप्रैल को पीड़िता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने आई और मुलाकात न हो पाने से आत्मदाह करने की कोशिश की। पीड़िता के पिता सुरेन्द्र सिंह को विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर ने पेड़ से बांधकर पीटा और केस वापसी का दबाव बनाया। अस्पताल द्वारा भी सुरेन्द्र सिंह का इलाज नहीं किया गया और उनके ऊपर मुकदमा दर्ज कर घायल अवस्था में जेल भेज दिया गया। जेल में विधायक ने अपने रसूख और उनके भाई की जेल में सप्लाई होने का फायदा उठाते हुए जेल में पीड़िता के पिता सुरेन्द्र सिंह की पिटाई करवाई। 8 अप्रैल की रात में पिटाई के कारण उनकी हालत गम्भीर हो गयी और 9 अप्रैल को आंत फट जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गयी। आज का धरना इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर धरना दिया गया।

धरनास्थल पर हुई सभा को सम्बोधित करते हुए एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने पूरी घटना की जानकारी लोगों से साझा की। उन्होंने बताया कि कल 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल उन्नाव में पीड़िता, उसके परिवार व पुलिस व जिला प्रषासन से मुलाकात की।

सभा को सम्बोधित करते हुए महिला फेडरेषन की नेता आशा मिश्रा ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा के विधायक पूरी तरीके से महिला उत्पीड़न में संलग्न है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त कानून के नाम पर निर्दोश लोगों का एनकाउंटर किया जा रहा है और दोशी खुलेआम घूम रहे हैं। इतना ही नही योगी सरकार ने बलात्कार के दोशी चिन्मयानन्द को क्लीन चिट हेते हुए मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया जिससे भाजपा की असलियत सामने आ गयी।

सभा को इनके अतिरिक्त जनमंच के संयोजक एस.आर.दारापुरी, जनवादी लेखक संघ के नलिन रंजन सिंह, प्रगतिषील लेखक संघ से किरन सिंह, इप्टा से राकेश , पीयूसीएल से आषीश अवस्थी, एसएफआई से अनुपम यादव, सीआईटीयू से राहुल मिश्रा, कॉर्ड से अतहर, कलम से ऋषि, किसान सभा से प्रवीन सिंह, लेखक वीरेन्द्र यादव, साहित्यकार अखिलेश, साझी दुनिया से पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा, जनसंस्कृति मंच से कौशल किशोर, भवन निर्माण महदूर सभा से प्रवीन पाण्डेय, पत्रकार ओबैद नासिर, सत्यम वर्मा आदि नें भी सम्बोधित किया। धरने में बड़ी संख्या में जनसंगठन, महिला संगठन, लेखक, साहित्यकार, मजदूर, नेता आदि शामिल थे।

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