कुछ व्यावहारिक परेशानियां जिनका सामना एक डॉक्टर करता है और जिससे रोगी प्रभावित होता है

चिकित्सक और रोगी के रिश्तों पर अकसर सवाल उठते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार के हाथ पीछे खींचने क्षेत्र में तेजी से निजी क्षेत्र के प्रवेश के चलते डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप भी बढ़ रहे हैं...

कुछ व्यावहारिक परेशानियां जिनका सामना एक डॉक्टर करता है और जिससे रोगी प्रभावित होता है

Dilemmas often a Doctor faces

नई दिल्ली, 11 अक्तूबर। चिकित्सक और रोगी के रिश्तों पर अकसर सवाल उठते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार के हाथ पीछे खींचने क्षेत्र में तेजी से निजी क्षेत्र के प्रवेश के चलते डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि एक डॉक्टर के सामने इलाज करते समय क्या परेशानियां होती हैं।

हार्ट केयर फाउण्डेशन के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक एक डॉक्टर जिन दुविधाओं का सामना करता है उनमें प्रमुख है शॉर्ट विज़िट। डॉक्टरों पर जितना संभव हो रोगियों को अधिक देखने का भारी दबाव होता है। एक डॉक्टर का प्रत्येक रोगी को देखने के लिए आवंटित मानक समय 10 से 12 मिनट होता है।

शॉर्ट विज़िट डॉक्टरों को तात्कालिक जैव चिकित्सा मुद्दों (biomedical issues) जैसे मरीज के जीवन के मनोवैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन करने के स्थान पर उसके उच्च रक्तचाप को देखना आदि पर ध्यान केंद्रित करने पर मजबूर करती हैं। जाहिर है इससे रोगी का इलाज प्रभावित होता है।

रोगी को इन हाउस भर्ती करने के दबाव से भी रोगी की बेहतर देखभाल प्रभावित होती है।

ओपियोइड खुराक (opioid dosages) कम करने से रोगियों की पीड़ा बढ़ सकती है।

बिना यह समझे हुए कि इसकी व्याख्या कैसे करनी है अनुवांशिक परीक्षण परिणाम (genetic test results) देना।  

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