सवालों के घेरे में चुनाव आयोग : क्या सरकार के इशारे पर टाली गईं गुजरात में विधानसभा चुनाव की तारीखें

सवालों के घेरे में चुनाव आयोग : लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना चाहते हैं पर गुजरात-हिमाचल एक साथ नहीं...

हाइलाइट्स

कांग्रेस सांसद तथा पार्टी की हिमाचल प्रदेश की प्रभारी सचिव रंजीता रंजन ने कहा कि हिमाचल में मतदान और मतगणना के बीच एक माह दस दिन का बड़ा फर्क है और यह संदेह पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के साथ ही आज गुजरात के लिए भी चुनाव घोषित किए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ जो संदेह पैदा करता है।

चुनाव कौन करा रहा है भाई?

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं करने पर आयोग पर सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा है कि मतदान एवं मतगणना की तिथि में लम्बा अंतर और गुजरात विधानसभा के चुनाव की तारीख घोषित नहीं करना संदेह पैदा करता है।

कांग्रेस सांसद तथा पार्टी की हिमाचल प्रदेश की प्रभारी सचिव रंजीता रंजन ने संवाददाताओं से कहा कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव के लिए पार्टी तैयार है और जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। पार्टी ने पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा तय कर दिया है जबकि भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री पद के कई उम्मीदवार हैं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में मतदान और मतगणना के बीच एक माह दस दिन का बड़ा फर्क है और यह संदेह पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के साथ ही आज गुजरात के लिए भी चुनाव घोषित किए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ जो संदेह पैदा करता है।

इससे साफ है कि आने वाले कुछ दिनों में गुजरात की जनता को भ्रमित करने के लिए कुछ लुभावनी घोषणाएं की जाएंगी।

उधर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने फेसबुक पर लिखा - चुनाव कौन करा रहा है भाई?

उन्होंने ट्वीट किया

“लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना चाहते हैं। पर गुजरात-हिमाचल एक साथ नहीं करा सकते! मतदान के 38 दिन बाद हिमाचल का रिजल्ट क्यों?”

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