सैनिक विद्रोह के बाद आज ही इराक़ बना था एक गणतंत्र

अमरीका में नोटबंदी 1969 में आज ही के दिन ..... आज ही के दिन भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार देशबंधु गुप्त का जन्म हुआ...

आज का इतिहास | today history | 14 july | 14 जुलाई का इतिहास

इराक : राजा फ़ैसल द्वितीय की हत्या

1958 में आज ही के दिन इराक़ में सेना के अफसरों के एक समूह ने बगावत कर राजशाही को सत्ता से हटा दिया था और राजा फ़ैसल द्वितीय की हत्या कर दी थी। बग़दाद रेडियो ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि फ़ौज ने इराक़ी लोगों को 'साम्राज्यवाद के ज़रिये सत्ता में आए कुछ भ्रष्ट लोगों' से आज़ादी दिलवा दी। घोषणा में कहा गया कि, "आज के बाद इराक़ एक गणतंत्र है। जो दूसरे अरब देशों से संबंध बनाए रखेगा और साथ ही इस बात की भी जानकारी दी गई थी कि पड़ोसी देश जॉर्डन में तैनात 12,000 इराक़ी सैनिकों को वापस बुलाया जा रहा है। मेजर जनरल अब्दुल करीम एल क़ासिम को इराक़ का नया प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख भी घोषित कर दिया गया था।

अमरीका में नोटबंदी

1969 में आज ही के दिन अमेरिका के वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व सिस्टम ने घोषणा की थी कि 500, 1,000, 5,000 और 10,000 डॉलर के नोटों का इस्तेमाल तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाएगा, क्योंकि इनका उपयोग बहुत कम हो रहा है। यह सिर्फ अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक के ट्रेजरार यानी खजांची ही दे सकते थे और वह भी इतने ही मूल्य की सोने की ईंटें दिए जाने पर। ये नोट सिर्फ रिजर्व बैंकों के बीच लेन-देन के लिए इस्तेमाल होते थे। आम जनता के लिए ये नहीं थे। हालाकि बाद में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शुरू होने के कारण बहुत ज्यादा कैश लेने देने की प्रथा धीरे-धीरे कम हो गई।

प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार देशबंधु गुप्त का जन्म

1990 में आज ही के दिन भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार देशबंधु गुप्त का जन्म हुआ था। अपने विद्यार्थी जीवन में ही देशबंधु गुप्त राष्ट्रीय आन्दोलन में कूद पड़े थे। उनसे प्रभावित होकर ही लाला लाजपत राय ने उन्हें अपने साथ ले लिया था। देशबंधु में संगठन करने की बड़ी क्षमता थी। सन् 1942 में 'भारत छोड़ो आन्दोलन' के दौरान इन्हें गिरफ़्तार किया गया और 1945 तक वे जेल में रहे। एक पत्रकार के रूप में भी देशबंधु गुप्त जाने जाते थे। स्वामी श्रद्धानन्द ने इन्हें राष्ट्रीय पत्र तेज का सम्पादक नियुक्त किया था। 1948 में 'अखिल भारतीय समाचार पत्र सम्पादक सम्मेलन' के अध्यक्ष भी चुने गए थे। गुप्त की पत्रकारिता लाला लाजपत राय के साथ आरंभ हुई। लालाजी 'वंदेमातरम्' नामक पत्र के लिए देशबंधु से लेख लिखवाया करते थे। तभी से उनकी भी इस क्षेत्र में रुचि बढ़ी।

प्रसिद्ध अभिनेत्री लीला चिटनिस का निधन

2003 में आज ही के दिन हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री लीला चिटनिस का निधन हुआ था। लीला ने 52 वर्ष तक अभिनय किया और अशोक कुमार की नायिका रहीं थी। उसके बाद अनेक फ़िल्मों में वे दिलीप कुमार, राजकपूर और देव आनंद की माँ की भूमिकाओं में नजर आईं थी। लीला पहली भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने 1941 में 'लक्स' साबुन के लिए विज्ञापन में काम किया था। लीला ने अभिनय करने के अलावा एक फ़िल्म 'आज की बात' का निर्माण और निर्देशन भी किया था। दिल तुझको दिया, बिन मां के बच्चे, सत्यम शिवम सुन्दरम, जीवन मृत्यु, फूल और पत्थर, नया दौर, आवारा आदि फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

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