शहीद निर्मल महतो के हत्यारे को रिहा करने का निर्णय झारखंडी स्वाभिमान पर भाजपा और रघुवर सरकार का साजिशन हमला

शहीद निर्मल महतो के हत्यारे को रिहा करने का निर्णय झारखंड आंदोलन और झारखंड वासियों के लिए एक बड़ा अपमान है झारखंडी स्वाभिमान पर भाजपा और रघुवर सरकार द्वारा एक साजिशन हमला है....

अतिथि लेखक
24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2018 तक झारखंड बचाओ देश बचाओ पदयात्रा

"झारखण्ड बचाओ देश बचाओ पदयात्रा" को लेकर झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने किया प्रेस कांफ्रेंस

राँची, 12 अक्तूबर। झारखंडी युवाओं द्वारा भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तथा झारखंड सरकार के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ झारखंड जनतांत्रिक महासभा के बैनर तले घाटशिला से जमशेदपुर होते हुए राँची तक 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2018 तक झारखंड बचाओ देश बचाओ पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा.

कल यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपक रंजीत ने बताया कि यह पदयात्रा देश भर में हो रहे मॉब लिंचिंग के खिलाफ, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन के खिलाफ, झारखंड में ST-SC-EBC/MBC-OBC का आरक्षण 50% से बढ़ाकर 73% करवाने के लिए तथा झारखंड में कार्यरत सभी अनुबन्धकर्मी को सरकारीकरण करवाने के लिए की जा रही है.

प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए बीरेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद से देश भर में लगातार आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यकों, महिलाओं के ऊपर लगातार हमला बढ़ा है. और राज्य में रघुवर सरकार के आने के बाद से झारखंड की यही हालत बनी हुई है. देश और झारखंड भर में गौमांस और गौरक्षा के नाम पर मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों को मॉब लिंचिंग करके बर्बरतम तरीके से जान से मार दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ भाजपा के सांसद-विधायक मॉब लिंचिंग करने वाले अपराधियों से जेल में मिलने जा रहे हैं और साथ में माला पहना कर स्वागत कर रहे हैं. यह पदयात्रा देश और झारखंड भर में हो रहे मॉब लिंचिंग तथा धर्म के नाम पर समाज को बाँटने का काम करने वाली RSS-भाजपा के  खिलाफ झरखंड के युवाओं के द्वारा एक राजनीतिक जनपहलकदमी है. साथ ही साथ झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक शहीद निर्मल महतो के हत्यारे को रघुवर सरकार के द्वारा रिहा करने का निर्णय का झारखंड जनतांत्रिक महासभा कड़ा विरोध करती है. शहीद निर्मल महतो के हत्यारे को रिहा करने का निर्णय झारखंड आंदोलन और झारखंड वासियों के लिए एक बड़ा अपमान है झारखंडी स्वाभिमान पर भाजपा और रघुवर सरकार द्वारा एक साजिशन हमला है.

मदन सोरेन ने प्रेस कांफ्रेंस को बताया कि रघुवर सरकार जब से सत्ता में आई है तबसे झारखंड के जनता के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का काम कर रही है. पहले सीएनटी/एसपीटी एक्ट में संशोधन करने का कोशिश किया. झारखंड के जनता के जन-दवाब और आंदोलन के कारण से उसे ठंडे बस्ते में डालना पड़ा. अभी उसी संशोधनों को झारखंड के जनता का जमीन लूटने के लिए भूमिअधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन किया है. कॉरपोरेट घरानों के इशारे पर भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन ग्राम सभा को खत्म करने का एक साजिश है.

प्रेस कांफ्रेंस को कृष्णा लोहार ने बताया कि झरखंड में यहाँ के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है जिसके वजह से पलायन की स्थिति बहुत ही भयावह बनी हुई है. झारखंड से निकलने वाले सरकारी नौकरियों में अधिकतर संख्या में साजिशन बाहरी लोगों को भरा जा रहा है और यहाँ के नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं. झारखंड में आज भी सबसे ज्यादा संख्या में ST, SC, EBC/MBC, OBC है जो पढ़ लिख कर सबसे ज्यादा बेरोजगार है इसलिए झारखंड में झारखंड सरकार द्वारा गठित कमिटी के रिपोर्ट के आधार पर ST, SC, EBC/MBC, OBC का आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 73 प्रतिशत करवाने के लिए आंदोलन के कड़ी में यह पदयात्रा है तथा प्राइवेट नौकरियों में भी आरक्षण लागू करवाने के लिए आंदोलन करना है.

विक्रांत ज्योति ने प्रेस कांफ्रेंस को बताते हुए कहा कि जहाँ एक तरफ सरकारी नौकरी करने वाले के तरह समान काम करने पर भी बहुत ही कम मानदेय पर झारखंड में लाखों की संख्या में अनुबन्धकर्मी (पारा शिक्षक, ग्रामीण डाककर्मी, पारा स्वास्थ्यकर्मी, मनरेगाकर्मी, आँगनबाड़ी सेविका, सहिया, जलसहिया, संयोजिका, रसोइया, होम गार्ड, किसान मित्र, बिजलीकर्मी एवं अन्य अनुबन्धकर्मी) काम कर रहे हैं. बहुत कम मानदेय और वो भी अनियमित रूप से मिलने के वजह से अनुबन्धकर्मियों की हालत बहुत ही दयनीय और बदतर है, पैसे के अभाव में इलाज के बिना कई अनुबन्धकर्मियों की मौत हो गईं. वहीं दूसरी तरफ अनुबन्धकर्मी अपनी माँगों को लेकर आंदोलन करती है तो रघुवर सरकार इस आंदोलन को ऊपर पुलिस से लाठीचार्ज करवाती है. परसो रसोइया और संयोजिका के आंदोलन के ऊपर हुए रघुवर दास कर इशारे पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का हमलोग झारखंड जनतांत्रिक महासभा के तरफ से झरखंड सरकार की कड़ी निंदा करते हैं. इस पदयात्रा के माध्यम से झारखंड जनतांत्रिक महासभा सरकार के ऊपर झारखंड में कार्यरत सभी अनुबन्धकर्मी को सरकारीकरण करवाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाएगी.

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