देशभक्त गडकरी ने नौसेना को बताया विकास विरोधी, पाकिस्तान जाने की दी नसीहत

देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का सिंगल विंडो डीलर होने का दम ठोंकने वाली BJP अभी तक अपने विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की धमकी देतr थे अब नितिन गडकरी ने नौसेना को पाकिस्तान जाने की सलाह दी है...

नई दिल्ली, 12 जनवरी। देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का सिंगल विंडो डीलर होने का दम ठोंकने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेता अभी तक अपने विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की धमकी देते थे अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नौसेना को विकास-विरोधी बताते हुए पाकिस्तान जाने की सलाह दी है, जिसके बाद देश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक अभूतपूर्व 'हमले' में गुरुवार को भारतीय नौसेना की आलोचना करते हुए कहा कि वह 'मुंबई के विकास की परियोजनाओं' में रोड़ा अटका रही है, जिसमें नरीमन प्वाइंट पर फ्लोटिंग जेट्टी परियोजना का विरोध भी शामिल है।

हाल ही में बंबई उच्च न्यायालय ने एक निजी ऑपरेटर को सीप्लेन सेवा लांच करने के लिए फ्लोटल जेट्टी बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि निजी कंपनी को भारतीय नौसेना के पश्चिमी नौसेना कमांड ने सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी थी।

गडकरी ने यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल की आधारशिला रखते हुए कहा,

"वास्तव में, मालाबार हिल (दक्षिण मुंबई) में नौसेना को क्या करना है। उन्हें देश की सीमा पर जाकर सुरक्षा करनी चाहिए।"

भारतीय नौसेना पर विकास कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए गडकरी ने कहा कि नौसेना के लोग दक्षिण मुंबई में क्यों रहना चाहते हैं।

गडकरी ने पश्चिमी कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल गिरिश लूथरा समेत शीर्ष नौसेना अधिकारियों की उपस्थिति में कहा,

"वे मेरे पास जमीन का एक टुकड़ा मांगने आए थे.. मैं उन्हें एक इंच जमीन का टुकड़ा नहीं दूंगा। कृपया मेरे पास दोबारा मत आना।"

उन्होंने कहा कि हर कोई दक्षिण मुंबई की महंगी जमीन पर घर बनाना चाहता है, जबकि यहां केवल वरिष्ठ और महत्वपूर्ण अधिकारियों को ही रहना चाहिए।

गडकरी ने कहा,

"हम आपकी इज्जत करते हैं, लेकिन आपको पाकिस्तान सीमा पर जाना चाहिए। पूर्वी समुद्री किनारों की भूमि राज्य सरकार और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट द्वारा विकसित की जा रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों को फायदा होगा।"

उन्होंने कहा,

"हम सरकार हैं। यह नौसेना और रक्षा मंत्रालय सरकार नहीं है।"

गडकरी ने भारतीय नौसेना पर विकास परियोजनाओं में अड़ंगा डालने की 'आदत' बनाने का आरोप लगाया और कहा कि सुरक्षा बल को मालाबार हिल क्षेत्र की चिंता क्यों है, जो कि एक आवासीय क्षेत्र है, जहां राज भवन और मुख्यमंत्री के अधिकारियों का निवास है।

पोत परिवहन मंत्री ने नौसेना से अपील की कि वह मुद्दों का समाधान करें, और कहा कि वे रुकी हुई अवसंरचना परियोजनाओं का रास्ता जल्द से जल्द साफ करने के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष हैं।

गडकरी के इस वक्तव्य पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि गडकरी ने नौसेना का अपमान किया है। कांग्रेस ने कहा –

भाजपा पहले तो चुनावी लाभ के लिए सशस्त्र सेनाओं का इस्तेमाल करती है, और जब सेना कोलाभ मिलने की बारी आती है तो भाजपा का असली चेहरा सामने आ जाता है।

सेवानिवृत्त मेजर व पत्रकार गौरव आर्या ने लिखा

“@Nitin_gadkari सर, कभी नहीं सोचा था कि आप इतने अभिमानी हो सकते हैं। आप अपनी चिंताओं को निजी तौर पर नौसेना को सूचित कर सकते थे, लेकिन आपने उन्हें जनता में अपमानित किया। किस लिए? मुंबई में जमीन? आप बस फ़ाइल पर “NO” लिखकर इनकार कर सकते थे। मैं हैरान हूँ।“

मेजर सुरेंद्र पूनिया ने लिखा,

:नितिन गडकरी सर आपसे ऐसी उम्मीद कभी नहीं थी। यदि आप / सरकार नौसेना को जमीन नहीं देना चाहते हैं, तो बस "न" कह देते!

भूमि के एक टुकड़े के लिए जनता में नौसेना का अपमान करना! अच्छा नहीं किया सर। वैसे भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई की इंडियन नेवी आखिरी रक्षक है।“

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।