फंसा शिंदे, साँस अटकी पनामा वाले खिलाड़ी सांसद की

इस लीक को तो भाजपा ने शायद ठन्डे बस्ते में डाल ही दिया था, पर अभी संजय विजय सिंह शिंदे के पास से बरामद तीस करोड़ तक के कथित सबूतों के ढेर ने इंद्र का सिंहासन फिर से हिला दिया...

 

रायपुर। पनामा पेपर्स लीक ने ना सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किरकिरी कराई बल्कि हिन्दू राष्ट्र या यों कहे राम राज्य की स्थापना की ओर बढ़ते भाजपा के कदम को एक जंजीर में बाँधने के लिए मृत विपक्ष को एक हथियार दे दिया है।.

इस लीक को तो भाजपा ने शायद ठन्डे बस्ते में डाल ही दिया था, पर अभी संजय विजय सिंह शिंदे के पास से बरामद तीस करोड़ तक के कथित सबूतों के ढेर ने इंद्र का सिंहासन फिर से हिला दिया। जाहिर सी बात है कि नौकरशाहों की बढ़ती कमाई के साथ छत्तीसगढ़ की सत्ता भी इसके लपेटे में आनी तय है और यही कारण है कि भाजपा के अन्दर नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज होती दिख रही है।

दुनिया भर में चर्चित पनामा पेपर्स लीक का कनेक्शन मध्यप्रदेश से भी जुड़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भोपाल में संजय विजय सिंह शिंदे के ठिकानों पर चार दिनों तक चली छापेमारी में आयकर विभाग को शिंदे के विदेशों में 30 करोड़ रुपए से अधिक का कालाधन जमा होने के दस्तावेज मिले हैं।

संजय विजय शिंदे का नाम पनामा पेपर्स में आया था। करीब 4 साल पहले गोवा से आकर शिंदे भोपाल में रिसोर्ट और एडवेंचर्स स्पोर्ट्स का कारोबार कर रहा था।

इस पनामा में कई भाजपा नेताओं का पाजामा फंसा हुआ है जिसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से भाजपा सांसद अभिषेक सिंह का नाम भी शामिल बताया जारहा है, जो मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि पनामा में शिंदे कहीं जांच में सिर्फ एक प्यादे को निपटाने की कारिस्तानी का हिस्सा ही बनेगा या फिर जांच आगे बढ़ेगी भी? अभी तक का इतिहास तो लीपापोतीं का ही रहा है और इस जिन्न को शांत करने के लिए कई अलग तरह के जिन्नों को काम पर लगा दिया जाता है। जैसे कांग्रेसी नेता भूपेश बघेल को घेरने की कवायद हो या ऐसे ही कोई और जुगाड़।

अब देखना ये है कि बोफोर्स काण्ड की तरह पनामा छत्तीसगढ़ सरकार को निपटा ना दे।

छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के कांग्रेस से किनारा करते ही कांग्रेस में जान तो आई है पर यक्ष प्रश्न है कि क्या जोगी की मदद से लगातार सत्ता की चाभी अपने पास रखने वाले डॉ रमन सिंह इस बार भी सत्ता की चाभी अपने पास रख पाएंगे या पनामा की भेंट चढ़ जाएंगे ? हालांकि इसका सही उत्तर तो तो आने वाले समय ही दे पाएगा।

उधर मुख्यमंत्री के ख़ास अफसर अमन सिंह की विदेशों में अकूत संपत्ति का जिन्न कभी भी बाहर आ सकता है। अभी ये जिन्न छत्तीसगढ़ की जनता से लेकर कई मीडिया घरानों में व्हाट्सअप के जरिये विचरण कर रहा है।

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