भ्रष्टाचार की देन है वाराणसी हादसा, मोदी जी के राज में वाराणसी कब्रगाह में तब्दील - स्वराज अभियान

ओवर ब्रिज गिरने से वाराणसी में हुआ हादसा निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की देन है...

हादसे में हताहत परिवारों के प्रति व्यक्त की शोक संवेदना

हादसे की हो न्यायिक जांच, उपमुख्यमंत्री दें इस्तीफा

सोनभद्र, 16 मई 2018, ओवर ब्रिज गिरने से वाराणसी में हुआ हादसा निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की देन है। इसलिए इस हादसे की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए। यह मांग स्वराज अभियान की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनकर कपूर ने अपने प्रेस को जारी बयान में उठाई।

इस हादसे में मृत हुए लोगों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए स्वराज अभियान के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के राज के चार साल पूरे होने के एक दिन पूर्व हुआ यह हादसा दिखाता है क्वोटो बनाने का सपना लेकर वाराणसी आए मोदी जी के राज में वाराणसी कब्रगाह में तब्दील हो चुका है। गंगा के पुत्र होने का दावा करने वाले मोदी जी के संसदीय क्षेत्र में गंगा सफाई अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और आज भी गंगा गंदगी से बजबजा रही है। विकास के जितने काम वहां हो रहे है उनमें केन्द्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि बडत्रे पैमाने पर कमीशनखोरी कर रहे है। संवेदनहीनता का आलम यह है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी देर रात तक ओवर ब्रिज में दबे लोगों को निकाला नहीं जा सका। मुख्यमंत्री महोदय तत्काल वहां पहुंचने की जरूरत तक नहीं समझतें। वाराणसी से सांसद खुद प्रधानमंत्री राहत कार्य में पूरी ताकत लगाने की जगह दिल्ली में कर्नाटक जीत का जश्न मनाने और अपना स्तुतिगान सुनने में व्यस्त रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन करना चाहिए और सेतु निगम के मंत्री होने के नाते उपमुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। हर घायल के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए, मृतकों के परिजनों को 50 लाख रूपए मुआवजा देना चाहिए और इस घटना के दोषी मंत्रीगणों व अधिकारियों को दण्डित करना चाहिए।

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